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PM SHRI योजना से बदल रही स्कूली शिक्षा की तस्वीर, 13 हजार से ज्यादा स्कूल बने मॉडल

September 15,2026 Fact Recorder

Education Desk: प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया यानी PM SHRI योजना को शुरू हुए चार साल पूरे हो गए हैं। 7 सितंबर 2022 को शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य देशभर के 14,500 से अधिक स्कूलों को आधुनिक और आदर्श स्कूलों के रूप में विकसित करना है। जुलाई 2026 तक 13,092 स्कूलों का चयन किया जा चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का करीब 90 प्रतिशत है।

नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के विजन को जमीन पर उतारने के लिए शुरू की गई PM SHRI योजना केवल चयनित स्कूलों को बेहतर सुविधाएं देने तक सीमित नहीं है। इन स्कूलों को आसपास के अन्य स्कूलों के लिए मॉडल के तौर पर विकसित किया जा रहा है, ताकि उनकी बेहतर कार्यप्रणाली और शिक्षण के तरीकों को दूसरे संस्थानों तक भी पहुंचाया जा सके।

4 साल में 90 फीसदी लक्ष्य पूरा

शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने 7 सितंबर 2022 को PM SHRI योजना की शुरुआत की थी। वित्त वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक इस योजना के लिए कुल 27,360 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

जुलाई 2026 तक 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 13,092 स्कूलों का चयन हो चुका है। इन स्कूलों में 20 लाख से अधिक विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।

चयनित स्कूलों में:

  • 1,305 प्राथमिक स्कूल
  • 3,102 उच्च प्राथमिक स्कूल
  • 3,141 माध्यमिक स्कूल
  • 5,544 उच्चतर माध्यमिक स्कूल

शामिल हैं।

क्या है PM SHRI योजना का उद्देश्य?

देश में करीब 14.71 लाख स्कूल हैं, जहां 24.69 करोड़ से अधिक विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। ऐसे में पूरे शिक्षा तंत्र में सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहतर वातावरण तैयार करना बड़ी चुनौती है।

PM SHRI योजना का उद्देश्य मौजूदा स्कूलों को मजबूत करके उन्हें ऐसे आदर्श संस्थानों में बदलना है, जहां NEP 2020 की सिफारिशों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।

इन स्कूलों में सुरक्षित, आधुनिक और विद्यार्थियों के अनुकूल वातावरण के साथ बेहतर बुनियादी सुविधाएं, शिक्षण संसाधन और अलग-अलग तरह के सीखने के अनुभव उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

दूसरे स्कूलों के लिए भी बन रहे मॉडल

PM SHRI स्कूलों की खासियत यह है कि इनका प्रभाव केवल इन्हीं संस्थानों तक सीमित नहीं रखा गया है। इन्हें अपने क्षेत्र के दूसरे स्कूलों के लिए मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है।

PM SHRI स्कूल अपने शिक्षण के तरीकों और बेहतर प्रथाओं को आसपास के स्कूलों के साथ साझा करते हैं। साथ ही मार्गदर्शन, सहयोग और क्लस्टर स्तर पर सहायता के जरिए दूसरे स्कूलों को भी बेहतर बनाने में योगदान देते हैं।

इसका उद्देश्य धीरे-धीरे अधिक से अधिक स्कूलों को उत्कृष्ट और आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित करना है।

अनुभव आधारित शिक्षा पर जोर

PM SHRI स्कूलों में विद्यार्थियों को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय अनुभव के माध्यम से सीखने को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके तहत बस्ता-मुक्त दिनों, स्थानीय कारीगरों के साथ इंटर्नशिप, स्थानीय कला और शिल्प के अध्ययन तथा सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाता है।

पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय परंपराओं को समझने के साथ विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन से जोड़ने वाली गतिविधियों पर भी जोर दिया जा रहा है।

इसके अलावा समानता, समावेशी शिक्षा, बहुभाषी शिक्षा, तकनीक आधारित शिक्षण और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। शिक्षकों और स्कूल नेतृत्व को सशक्त बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

चैलेंज मोड से होता है स्कूलों का चयन

PM SHRI योजना में स्कूलों का चयन ‘चैलेंज मोड’ के जरिए किया जाता है। इसके तहत स्कूलों को निर्धारित मानकों को पूरा करके मॉडल स्कूल बनने के लिए प्रतिस्पर्धा करनी होती है।

चयन प्रक्रिया मुख्य रूप से तीन चरणों में पूरी होती है।

पहला चरण—MoU: राज्य और केंद्र शासित प्रदेश केंद्र सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करते हैं। इसमें चयनित स्कूलों को निर्धारित गुणवत्ता मानकों तक पहुंचाने के लिए जरूरी सहयोग और प्रतिबद्धताओं को स्पष्ट किया जाता है।

दूसरा चरण—पात्र स्कूलों की पहचान: UDISE+ के आंकड़ों और निर्धारित न्यूनतम मानकों के आधार पर उन स्कूलों की पहचान की जाती है, जो PM SHRI स्कूल के रूप में चयन के लिए पात्र हैं।

तीसरा चरण—चैलेंज आधारित चयन: पात्र स्कूल निर्धारित मानकों को पूरा करने की अपनी क्षमता प्रदर्शित करते हैं। इसके बाद तय मानदंडों के आधार पर प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के जरिए स्कूलों का चयन किया जाता है।

शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव की कोशिश

PM SHRI योजना का लक्ष्य केवल कुछ हजार स्कूलों को आधुनिक बनाना नहीं है, बल्कि इनके जरिए पूरे स्कूली शिक्षा तंत्र में सकारात्मक बदलाव लाना है। मॉडल स्कूलों के अनुभव और सफल प्रयोग दूसरे स्कूलों तक पहुंचने से शिक्षा व्यवस्था में व्यापक स्तर पर सुधार की उम्मीद है।

NEP 2020 के विजन के अनुरूप PM SHRI स्कूल विद्यार्थियों को भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करने, सीखने की क्षमता विकसित करने और शिक्षा को अधिक व्यावहारिक एवं अनुभव आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।