4 August 2026 Fact Recorder
Haryana Desk: हरियाणा के हिसार जिले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर संगठनात्मक विवाद गहरा गया है। जिले के 13 में से 11 मंडल अध्यक्षों ने सामूहिक रूप से अपने इस्तीफे प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता को भेज दिए हैं। इस्तीफों की प्रतियां प्रदेश महामंत्री सुरेंद्र पूनिया और कृष्ण बेदी को भी प्रेषित की गई हैं।
मंडल अध्यक्षों ने अपने इस्तीफे में जिलाध्यक्ष डॉ. आशा खेदड़ की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि संगठन में उनकी लगातार अनदेखी की जा रही है और उन्हें निर्णय प्रक्रिया से दूर रखा जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के प्रति पूरी निष्ठा से काम करने के बावजूद उन्हें उचित सम्मान नहीं मिल रहा।
नई नियुक्तियों के बाद बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार, विवाद 2 अगस्त को उस समय और बढ़ गया जब जिला महामंत्री कृष्ण सरसाना ने उकलाना, अग्रोहा और स्याहड़वा मंडलों के लिए नए मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति की। मौजूदा मंडल अध्यक्षों का कहना है कि उनका कार्यकाल अभी समाप्त नहीं हुआ था, इसके बावजूद नई नियुक्तियां कर दी गईं, जिससे संगठन में असंतोष फैल गया।
इन मंडल अध्यक्षों ने दिया इस्तीफा
सामूहिक इस्तीफा देने वालों में उकलाना के विनोद, बनभौरी के मनबीर सरपंच, अग्रोहा के मोहन लाल, पाबड़ा की मीना शर्मा, आदमपुर के चंद्रप्रकाश, बालसमंद के रमेश बेनीवाल, काजला के राजेंद्र सोनी, आर्यनगर के भूप सिंह खीचड़, आजाद नगर की सुमन कस्वां और स्याहड़वा के बलजीत फोगाट सहित अन्य मंडल अध्यक्ष शामिल हैं।
पहले भी उठा चुके थे मुद्दा
मंडल अध्यक्षों का कहना है कि उन्होंने इस मामले को पहले भी पार्टी नेतृत्व के समक्ष रखा था, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसके बाद सामूहिक इस्तीफा देने का फैसला लिया गया।
वहीं, जिला महामंत्री कृष्ण सरसाना ने कहा कि उन्हें अभी तक सामूहिक इस्तीफों की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।
गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी जिलाध्यक्ष डॉ. आशा खेदड़ का रणजीत चौटाला के साथ विवाद चर्चा में रहा था। चुनाव के बाद तैयार की गई रिपोर्ट में भी उनकी कार्यशैली को लेकर सवाल उठाए गए थे। अब 11 मंडल अध्यक्षों के सामूहिक इस्तीफे से हिसार भाजपा में संगठनात्मक असंतोष खुलकर सामने आ गया है।













