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पहली बार करवा चौथ का व्रत? जानें जरूरी बातें

Punjab 21 Oct 2026 Fact Recorder

Punjab Desk :  करवा चौथ हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए व्रत रखती हैं। उत्तर भारत में विशेष रूप से लोकप्रिय यह त्योहार सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक व्रत रखने और चंद्रमा की पूजा करने की परंपरा से जुड़ा है।

अगर आप पहली बार करवा चौथ का व्रत रखने जा रही हैं, तो कुछ जरूरी बातों को जानना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।

1. सरगी से करें दिन की शुरुआत

करवा चौथ के दिन सूर्योदय से पहले सरगी खाने की परंपरा है। इसे आमतौर पर सास अपनी बहू के लिए तैयार करती हैं। इसमें फल, मिठाइयां, सूखे मेवे और अन्य खाद्य पदार्थ शामिल किए जाते हैं। सरगी में पौष्टिक चीजें लेने से दिनभर ऊर्जा बनाए रखने में मदद मिल सकती है। पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है।

2. पारंपरिक कपड़े पहनें

इस त्योहार पर महिलाएं अक्सर लाल, गुलाबी और सुनहरे रंग के पारंपरिक कपड़े पहनती हैं। इन रंगों को प्रेम, सौभाग्य और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। महिलाएं अपने श्रृंगार को मेहंदी, सिंदूर और आभूषणों से पूरा करती हैं।

3. कपड़ों के रंगों को लेकर जानें परंपरा

पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, कुछ महिलाएं करवा चौथ पर काले और सफेद रंग के कपड़े पहनने से बचती हैं। इसके बजाय लाल, गुलाबी, मैरून और सुनहरे रंगों को प्राथमिकता दी जाती है। हालांकि, कपड़ों के रंगों से जुड़ी मान्यताएं परिवार और क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।

4. व्रत के दौरान सेहत का रखें ध्यान

धार्मिक आस्था के साथ स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। निर्जला व्रत रखने से पहले अपनी सेहत पर विचार करें। यदि आपको कोई बीमारी है, आप गर्भवती हैं, स्तनपान करा रही हैं या नियमित दवाइयां लेते हैं, तो व्रत रखने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

यदि डॉक्टर सख्त उपवास से मना करते हैं, तो अपनी सेहत को प्राथमिकता दें और जरूरत के अनुसार व्रत की परंपरा में बदलाव करें। धार्मिक आस्था के लिए अपने स्वास्थ्य को जोखिम में डालना जरूरी नहीं है।

करवा चौथ का क्या है महत्व?

करवा चौथ केवल उपवास का त्योहार नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, समर्पण और वैवाहिक रिश्ते की मजबूती का प्रतीक भी है। मेहंदी लगाने, पूजा करने और चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत खोलने तक की परंपराएं इस त्योहार को खास बनाती हैं।

पहली बार व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए जरूरी है कि वे रीति-रिवाजों को समझें, परिवार की परंपराओं का सम्मान करें और अपनी सेहत का ध्यान रखते हुए त्योहार मनाएं। करवा चौथ का मुख्य उद्देश्य सुखी, स्वस्थ और खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना करना है।