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Mutual Fund के लिए SEBI का बड़ा फैसला, अब सिर्फ एक फॉर्म से आसान होगा रजिस्ट्रेशन

August 18,2026 Fact Recorder

Business Desk:  म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने बड़ा कदम उठाया है। नियामक ने म्यूचुअल फंड और एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMC) के रजिस्ट्रेशन के लिए सिंगल कंबाइंड एप्लीकेशन फॉर्म पेश किया है।

इस बदलाव के बाद म्यूचुअल फंड के लिए शुरुआती यानी In-Principle Approval और अंतिम रजिस्ट्रेशन के लिए अलग-अलग आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। इससे मौजूदा मल्टी-स्टेज प्रक्रिया को सरल बनाया जा सकेगा।

एक ही फॉर्म में देनी होगी पूरी जानकारी

नए आवेदन फॉर्म में स्पॉन्सर, ओनरशिप स्ट्रक्चर, वित्तीय क्षमता, गवर्नेंस व्यवस्था, कंप्लायंस सिस्टम और प्रस्तावित AMC से जुड़ी जरूरी जानकारी एक साथ शामिल की गई है।

SEBI के इस कदम से आवेदन प्रक्रिया में दोहराव कम होने और कागजी कार्रवाई घटने की उम्मीद है। साथ ही, रेगुलेटरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित हो सकती है।

नए आवेदकों को मिल सकता है फायदा

इस बदलाव का उद्देश्य म्यूचुअल फंड सेक्टर में Ease of Doing Business को बढ़ावा देना है। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आसान होने से नए संस्थानों के लिए बाजार में प्रवेश करना अपेक्षाकृत सरल हो सकता है। हालांकि, निवेशकों की सुरक्षा और जरूरी कंप्लायंस मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

लाइव ट्रेडिंग को लेकर SEBI की चेतावनी

दूसरी ओर, SEBI ने सोशल मीडिया पर चल रहे लाइव ट्रेडिंग सेशन को लेकर निवेशकों को सतर्क किया है। नियामक के मुताबिक, कुछ लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खुद को शेयर बाजार विशेषज्ञ बताकर रियल टाइम में खरीद-बिक्री की रणनीति और निवेश संबंधी सुझाव दे रहे हैं।

SEBI ने कहा कि ऐसे मामलों में बिना पंजीकरण के निवेश सलाह देने की गतिविधियां हो सकती हैं। निवेशकों को यह सलाह दी गई है कि वे सोशल मीडिया पर लाइव ट्रेडिंग या रियल टाइम मार्केट टिप्स देने वाले लोगों के आधार पर निवेश संबंधी फैसले न लें।

केवल रजिस्टर्ड संस्थाओं से लें निवेश सलाह

SEBI ने निवेशकों से कहा है कि वे सिक्योरिटीज मार्केट में कारोबार करते समय सावधानी बरतें और निवेश सलाह के लिए केवल SEBI में पंजीकृत मध्यस्थों और सलाहकारों पर भरोसा करें।

नियामक ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल निवेशक शिक्षा के नाम पर बाजार की पिछली कीमतों का इस्तेमाल करते हुए भविष्य की कीमत का संकेत देना या किसी सिक्योरिटी को खरीदने-बेचने की सलाह देना नियमों के दायरे में आ सकता है। ऐसे में सोशल मीडिया पर मिलने वाले निवेश टिप्स पर भरोसा करने से पहले उनकी वैधता और संबंधित व्यक्ति का SEBI रजिस्ट्रेशन जरूर जांचना चाहिए।