22 July 2026 Fact Recorder
National Desk: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने मंगलवार देर रात गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल पहुंचकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की जानकारी ली। दोनों नेताओं ने डॉक्टरों से वांगचुक की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की।
दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश के बाद सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित किया गया था। अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद उन्होंने अपना अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखी है।
उधर, संसद मार्च के दौरान हुई झड़पों के बाद हजारों छात्र और समर्थक मंगलवार को फिर जंतर-मंतर पर एकत्र हुए। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे संगठन ने घोषणा की कि आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा, हालांकि फिलहाल संसद की ओर कोई नया मार्च नहीं निकाला जाएगा। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सोमवार के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने अत्यधिक बल प्रयोग किया।
सोनम वांगचुक ने 28 जून से अपना अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया था। उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो ने बताया कि पुलिस कार्रवाई में घायल छात्रों के समर्थन में वांगचुक ने अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद अपना अनशन जारी रखने का फैसला किया है।
इससे पहले मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने गीतांजलि अंगमो की याचिका पर सुनवाई करते हुए वांगचुक को तत्काल मेदांता अस्पताल स्थानांतरित करने के निर्देश दिए थे। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ ने केंद्र सरकार की सहमति के बाद मेदांता अस्पताल को वांगचुक के इलाज के लिए विशेष मेडिकल टीम गठित करने का निर्देश दिया। अदालत ने यह भी कहा कि वांगचुक लगातार चिकित्सकीय निगरानी में रहें और डॉक्टरों की सलाह का पालन करें।













