08 May 2026 Fact Recorder
International Desk: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। Iran ने गुरुवार को United Arab Emirates पर बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया। हमले के बाद यूएई के एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय हो गए और कई मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट किया गया।
यूएई की नेशनल इमरजेंसी, क्राइसिस एंड डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने नागरिकों से सतर्क रहने, सुरक्षित स्थानों पर रहने और केवल सरकारी सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब एक दिन पहले ही अमेरिका और ईरान के बीच भी मिसाइल टकराव की खबरें सामने आई थीं।
इससे पहले सोमवार को भी ईरान ने यूएई पर 15 मिसाइल और चार ड्रोन दागे थे। उस हमले की कई देशों ने निंदा की थी। भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi सहित कई वैश्विक नेताओं ने यूएई के समर्थन में बयान जारी किए थे।
यूएई सरकार ने ईरानी हमलों से हुए नुकसान का आकलन करने और सबूत जुटाने के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया है। सरकारी समाचार एजेंसी WAM के अनुसार, इस समिति की अगुवाई यूएई के अटॉर्नी जनरल करेंगे। इसमें कई मंत्रालयों और सरकारी एजेंसियों के अधिकारी शामिल होंगे, जबकि जरूरत पड़ने पर विदेशी विशेषज्ञों की मदद भी ली जाएगी।
कमेटी हमलों में हुए जान-माल के नुकसान, क्षतिग्रस्त इमारतों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों से जुड़े तकनीकी सबूत, तस्वीरें और रिपोर्ट तैयार करेगी। इन दस्तावेजों के आधार पर यूएई भविष्य में अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत कानूनी कार्रवाई और मुआवजे की मांग कर सकता है।
यूएई का दावा है कि हालिया संघर्ष के दौरान ईरान ने 2000 से ज्यादा ड्रोन, सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइल और कई क्रूज मिसाइल दागीं। हालांकि अधिकांश हमलों को एयर डिफेंस सिस्टम ने नाकाम कर दिया, लेकिन फिर भी 13 लोगों की मौत और 200 से अधिक लोगों के घायल होने की बात कही गई है। कई तेल और ऊर्जा ठिकानों के साथ अहम इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है।
यूएई ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी देश के साथ रक्षा सहयोग करना उसका संप्रभु अधिकार है। विदेश मंत्रालय ने ईरान के उन बयानों पर नाराजगी जताई, जिनमें अमेरिका के साथ यूएई के सहयोग को ईरान की सुरक्षा के खिलाफ बताया गया था।













