29 May 2026 Fact Recorder
Health Desk: हर साल 31 मई को World No Tobacco Day यानी विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को तंबाकू से होने वाली गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूक करना है। भारत में तंबाकू का सेवन एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या बन चुका है और इससे कैंसर का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में हर साल लगभग 13.5 लाख लोगों की मौत तंबाकू से जुड़ी बीमारियों के कारण होती है। सिगरेट, बीड़ी, गुटखा, खैनी और पान मसाला जैसे तंबाकू उत्पाद मुंह, गले, फेफड़ों और फूड पाइप के कैंसर का बड़ा कारण बन रहे हैं।
Dr. Kiran Joshi के अनुसार, सबसे बड़ी समस्या यह है कि लोग कैंसर के शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं। जब तक मरीज अस्पताल पहुंचते हैं, तब तक बीमारी कई मामलों में एडवांस स्टेज तक पहुंच चुकी होती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, तंबाकू सेवन करने वालों को इन 10 संकेतों को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:
- मुंह में लंबे समय तक रहने वाले छाले
अगर मुंह के छाले 2 से 3 हफ्ते तक ठीक नहीं हो रहे हैं, तो यह ओरल कैंसर का संकेत हो सकता है। - मुंह के अंदर सफेद या लाल दाग
मुंह के अंदर सफेद या लाल पैच प्री-कैंसर स्थिति की चेतावनी हो सकते हैं। - मुंह खोलने में परेशानी
गुटखा या खैनी खाने वालों में मुंह कम खुलना गंभीर बीमारी OSMF का संकेत हो सकता है। - निगलने में दिक्कत
खाना या पानी निगलने में दर्द या परेशानी गले या फूड पाइप के कैंसर का लक्षण हो सकती है। - लगातार गले में खराश
अगर लंबे समय तक गले में खराश बनी रहे और दवाइयों से राहत न मिले, तो जांच करानी चाहिए। - आवाज में बदलाव
आवाज भारी होना या लंबे समय तक आवाज बदल जाना भी कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है। - लगातार खांसी आना
खासतौर पर धूम्रपान करने वालों में लगातार खांसी फेफड़ों की बीमारी या कैंसर का संकेत हो सकती है। - बिना वजह तेजी से वजन घटना
अचानक वजन कम होना शरीर में गंभीर बीमारी की चेतावनी हो सकता है। - मुंह या गर्दन में गांठ महसूस होना
मुंह, जबड़े या गर्दन में गांठ बनना कैंसर के बढ़ने का संकेत माना जाता है। - दांत और मसूड़ों में लगातार दर्द या सूजन
मसूड़ों में सूजन, खून आना या लगातार दर्द को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
भारत दुनिया में ओरल कैंसर के सबसे ज्यादा मामलों वाले देशों में शामिल है। खासतौर पर ग्रामीण इलाकों और युवाओं में गुटखा और खैनी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते तंबाकू छोड़ दिया जाए, नियमित जांच कराई जाए और शुरुआती लक्षणों पर ध्यान दिया जाए, तो कैंसर के कई मामलों को रोका जा सकता है।













