डिप्टी कमिश्नर ने अनुसूचित जाति और जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मुआवजा मामलों के शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए
मानसा,30 अक्टूबर 2025 फैक्ट रिकॉर्डर Punjab Desk: अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1995 के नियम 17 के तहत जिला स्तरीय विजिलेंस और मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक डिप्टी कमिश्नर श्रीमती नवजोत कौर (आईएएस) की अध्यक्षता में जिला प्रशासनिक परिसर, मानसा में आयोजित की गई।
इस अवसर पर जिला सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता अधिकारी, मानसा, श्री गुरिंदरजीत सिंह ने समिति सदस्यों को अधिनियम से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के तहत अनुसूचित जाति और जनजाति से संबंधित पीड़ितों या उनके परिजनों को विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मुआवजा राशि प्रदान करने का प्रावधान है।
अधिकारी ने बताया कि अब तक कुल 71 मामले प्रक्रिया में हैं, जबकि 29 मामलों में मुआवजा राशि स्वीकृत की जा चुकी है।
बैठक में डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि सरकार पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने मुआवजा मामलों के शीघ्र निपटारे पर जोर दिया।
डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि कुछ मामलों में पुलिस द्वारा संबंधित धाराओं के उपखंड नहीं लगाए जाने के कारण मुआवजा राशि के निर्धारण में दिक्कत आती है। इस पर उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि संबंधित अधिकारियों को जागरूक किया जाए और मामलों की जांच तेजी से पूरी की जाए।
उन्होंने जिला अटॉर्नी को अदालत में मामलों की लगातार पैरवी करने के निर्देश दिए ताकि पीड़ितों को मुआवजा जारी करने में देरी न हो।
डिप्टी कमिश्नर ने समिति सदस्यों से कहा कि अनुसूचित जाति और जनजाति से संबंधित लोगों को अधिनियम, न्याय प्रक्रिया और मुआवजा राशि के बारे में अधिक से अधिक जागरूक किया जाए ताकि हर पीड़ित और उसके परिवार को न्याय मिल सके।
बैठक में एस.पी. (एच) प्रदीप सिंह और अन्य समिति सदस्य उपस्थित थे।













