नई दिल्ली: 15 Aug 2026 Fact Recorder
National Desk : ‘India’s Got Latent’ शो में दिव्यांग व्यक्तियों को लेकर कथित असंवेदनशील टिप्पणियों के मामले में यूट्यूबर-कॉमेडियन समय रैना समेत पांच कॉमेडियनों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों और संबंधित कार्यवाही को रद्द कर दिया है।
इस मामले की सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने की। पीठ में न्यायमूर्ति ज्योमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल थे।
समय रैना के अलावा विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर उर्फ सोनाली आदित्य देसाई और निशांत जगदीश तंवर को भी राहत मिली है।
दिव्यांगों के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना
सुप्रीम कोर्ट ने दिव्यांग व्यक्तियों के हित में कार्यक्रम आयोजित करने और जागरूकता फैलाने की दिशा में कॉमेडियनों के प्रयासों की सराहना की। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि वे युवा हैं और यदि ईमानदारी से सकारात्मक दिशा में काम करेंगे तो इसके अच्छे परिणाम सामने आएंगे।
अदालत ने यह भी कहा कि कॉमेडियनों और क्योर SMA इंडिया फाउंडेशन के बीच रचनात्मक बातचीत हुई है। कॉमेडियनों ने SMA से प्रभावित लोगों को अपने कार्यक्रमों में आमंत्रित करने और उन्हें आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की इच्छा भी जताई है।
पहले लगाया गया था जुर्माना
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने शो में दिव्यांग व्यक्तियों को लेकर की गई कथित असंवेदनशील टिप्पणियों पर नाराजगी जताई थी। अदालत ने समय रैना और अन्य कॉमेडियनों को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए फंड जुटाने जैसे कदम उठाने को कहा था।
बाद में अदालत ने इन निर्देशों का पालन न करने के मामले में समय रैना समेत पांचों कॉमेडियनों पर 3-3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।
अब सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया है। हालांकि, दिव्यांग व्यक्तियों से संबंधित सामग्री की बेहतर निगरानी और ऐसे मामलों में जांच को प्रभावी बनाने के तरीकों पर अदालत आगे भी सुनवाई करेगी।











