17 अप्रैल, 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Himachal Desk: ए़फ़.आर.आई. के उपयोग से संदिग्ध लेन-देन की पहचान एवं अवरोधन हो रहा संभव संचार साथी पोर्टल/ऐप खोए हुए मोबाइल हैंडसेट को तुरंत अवरुद्ध (ब्लॉक) करने में सहायक संचार साथी पोर्टल/ऐप से अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी हो सकेगी प्राप्त हिमाचल प्रदेश लाइसेंस सेवा क्षेत्र, शिमला, दूरसंचार विभाग के अपर महानिदेशक (दूरसंचार) वीरेंद्र कुमार, ने दूरसंचार विभाग की नागरिक-केंद्रित पहलों तथा उनके समग्र प्रभाव के संबंध में जानकारी साझा करते हुए कहा कि पिछले दस महीनों में ए़फ़. आर. आई. के उपयोग से लगभग ₹2300 करोड़ की वित्तीय हानि को रोका गया है। वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक (ए़फ़. आर. आई.) ए़फ़. आर. आई. एक जोखिम-आधारित सूचकांक है, जो संदिग्ध मोबाइल नंबरों को मध्यम, उच्च या अत्यधिक उच्च वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम की श्रेणियों में वर्गीकृत करता है। ये श्रेणियाँ वित्तीय संस्थानों (बैंक, UPI, NBFCs) को वास्तविक समय में निवारक कार्रवाई करने में सहायता प्रदान करती हैं, जिससे संदिग्ध लेन-देन की पहचान एवं अवरोधन संभव हो पाता है। साथ ही यह उपयोगकर्ताओं को अग्रिम चेतावनी भी प्रदान करता है, जिससे वे धोखाधड़ीपूर्ण भुगतान से बच सकें। धोखाधड़ी होने से पूर्व ही उसे रोककर, ए़फ़. आर. आई. डिजिटल वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म एवं संचार साथी विभाग के अपर महानिदेशक (दूरसंचार) वीरेंद्र कुमार ने कहा कि डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म विभिन्न हितधारकों के बीच दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान को सक्षम बनाता है, जिससे समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। वहीं, संचार साथी पोर्टल/ऐप नागरिकों को संदिग्ध धोखाधड़ीपूर्ण संचार की रिपोर्ट करने, अपने खोए हुए मोबाइल हैंडसेट को अवरुद्ध (ब्लॉक) करने तथा अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी प्राप्त करने के लिए सशक्त बनाता है। जनता की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए यह स्पष्ट किया गया कि मोबाइल टावरों से होने वाला EMF उत्सर्जन सुरक्षित है तथा भारत में इसके मानक वैश्विक मानकों की तुलना में अधिक कठोर हैं। अनुपालन सुनिश्चित करने तथा जनविश्वास स्थापित करने हेतु समय-समय पर नियमित परीक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
4G संतृप्ति एवं संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (डिजिटल भारत निधि के अंतर्गत) 4G संतृप्ति एवं संशोधित भारतनेट कार्यक्रम जैसी प्रमुख योजनाएँ ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में उच्च गति मोबाइल एवं ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी का विस्तार कर रही हैं। हिमाचल प्रदेश में 565 4G संतृप्ति साइटें स्थापित की जा चुकी हैं तथा ऑप्टिकल फाइबर के माध्यम से 3615 ग्राम पंचायतों तक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी का विस्तार किया जा रहा है। वर्तमान में 525 ग्राम पंचायतों को संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के अंतर्गत जोड़ा जा चुका है।
संचार मित्र योजना संचार मित्र योजना के अंतर्गत भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IIT), राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (NIT) तथा हिमाचल प्रदेश के अन्य अभियांत्रिकी महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को दूरसंचार सेवाओं एवं सरकारी पहलों के संबंध में जन-जागरूकता प्रसार हेतु संलग्न किया जाता है। इस योजना के अंतर्गत संचार मित्रों द्वारा कुल 23 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।











