6 August 2026 Fact Recorder
National Desk: दिल्ली में व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, मंगलवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक, 2026’ के मसौदे को मंजूरी दे दी गई। अब इस विधेयक को अंतिम रूप देने और कानून बनाने की प्रक्रिया के तहत केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा।
स्व-प्रमाणन की मिलेगी सुविधा
प्रस्तावित विधेयक के तहत कम जोखिम (लो-रिस्क) वाले उद्योगों को स्व-प्रमाणन (Self-Certification) की सुविधा देने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, ऐसे उद्योगों को पंजीकरण के बाद तीन वर्षों तक नियमित निरीक्षण (रूटीन इंस्पेक्शन) से भी छूट देने का प्रस्ताव है।
कम होगी सरकारी प्रक्रियाओं की जटिलता
सरकार का उद्देश्य व्यापार शुरू करने और संचालित करने की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। नए कानून के लागू होने के बाद विभिन्न विभागों से स्वीकृतियां, पंजीकरण, लाइसेंस, अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) और अन्य अनुमतियां प्राप्त करने की प्रक्रिया आसान होगी और अनावश्यक देरी में कमी आएगी।
निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि इस विधेयक से दिल्ली में निवेश का माहौल बेहतर होगा, नए उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। साथ ही कारोबारियों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
प्रस्तावित ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक, 2026’ का उद्देश्य दिल्ली को देश के सबसे अनुकूल कारोबारी राज्यों में शामिल करना और उद्योगों के लिए अधिक सरल एवं पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराना है।













