अमृतसर, 5 जुलाई 2026 Fact Recorder
Punjab Desk: श्री हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) में शनिवार को उस समय विवाद की स्थिति पैदा हो गई, जब कुछ श्रद्धालुओं से मुख्यमंत्री भगवंत मान की तस्वीर वाले पहचान-पत्र (आईडी कार्ड) हटाने के लिए कहा गया। यह निर्देश उन्हें मंदिर परिसर में प्रवेश से पहले दिया गया।
जानकारी के अनुसार, ये श्रद्धालु पंजाब सरकार की ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ के तहत राज्य के विभिन्न जिलों से श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने पहुंचे थे। सभी श्रद्धालुओं ने सरकार की ओर से जारी पहचान-पत्र पहन रखे थे, जिन पर मुख्यमंत्री भगवंत मान की तस्वीर लगी हुई थी।
बताया जा रहा है कि मंदिर के बाहर मौजूद कुछ लोगों और संगत ने इन पहचान-पत्रों पर आपत्ति जताई, जिसके बाद श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में प्रवेश से पहले इन्हें हटाने के लिए कहा गया।
हालिया विवाद से जोड़ा जा रहा मामला
इस पूरे घटनाक्रम को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) और मुख्यमंत्री भगवंत मान के बीच हाल के दिनों में बढ़े विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि 15 जून को अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने पांच सिंह साहिबानों की बैठक के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान को “गुरु द्रोही” घोषित किया था।
यह फैसला एक कथित विवादित वीडियो सामने आने के बाद लिया गया था। हालांकि, मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी ने उस वीडियो को फर्जी बताते हुए दावा किया था कि उसमें दिखाई देने वाला व्यक्ति मुख्यमंत्री नहीं है।
SGPC ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद SGPC के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नन ने कहा कि श्रद्धालुओं से आईडी कार्ड हटाने का कोई प्रशासनिक निर्देश नहीं दिया गया था। उनके अनुसार, मंदिर परिसर के बाहर मौजूद संगत ने मुख्यमंत्री की तस्वीर वाले पहचान-पत्रों पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद यह स्थिति बनी।
वहीं, इस पूरे मामले पर आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता शशिवीर शर्मा ने फिलहाल कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
फिलहाल इस घटना को लेकर राजनीतिक और धार्मिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।













