3 July 2026 Fact Recorder
Business Desk: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में पिछले 40 दिनों के दौरान करीब 28 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इसके बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में 25 मई के बाद से कोई बदलाव नहीं हुआ है। ऐसे में उपभोक्ताओं के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर कच्चा तेल सस्ता होने के बावजूद ईंधन के दाम कब कम होंगे।
शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 71.74 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड लगभग 68.60 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। सप्ताह के दौरान दोनों बेंचमार्क में हल्की गिरावट दर्ज की गई और कीमतें हाल के महीनों के निचले स्तर के करीब पहुंच गईं।
क्यों गिर रही हैं कच्चे तेल की कीमतें?
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक बाजार में तेल की पर्याप्त आपूर्ति, मांग में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं होना और मध्य पूर्व में तनाव कम होने की उम्मीदों ने कीमतों पर दबाव बनाया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में सकारात्मक प्रगति के संकेत मिले हैं। यदि दोनों देशों के बीच स्थायी समझौता होता है तो वैश्विक तेल आपूर्ति और मजबूत हो सकती है, जिससे कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।
इसके अलावा, सऊदी अरब द्वारा एशियाई बाजारों में तेल की आपूर्ति बढ़ाने और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल परिवहन सामान्य रहने से भी बाजार को राहत मिली है।
मांग अभी भी कमजोर
कमोडिटी विश्लेषकों का कहना है कि चीन सहित कई बड़े देशों में तेल की मांग अभी उम्मीद के अनुरूप नहीं बढ़ी है। वहीं, रिफाइनरियों के पास पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध होने से भी कीमतों में तेजी नहीं आ रही है।
हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक मांग बढ़ती है और अतिरिक्त आपूर्ति कम होती है तो आने वाले महीनों में कच्चा तेल फिर से 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच सकता है।
क्या भारत में सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?
हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता हुआ है, लेकिन भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें केवल कच्चे तेल पर निर्भर नहीं करतीं। इसमें रिफाइनिंग लागत, फ्रेट, केंद्रीय और राज्य कर, विपणन मार्जिन और रुपये-डॉलर की विनिमय दर जैसे कई अन्य कारक भी शामिल होते हैं।
इसी वजह से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का लाभ उपभोक्ताओं तक तुरंत नहीं पहुंचता। फिलहाल सरकारी तेल कंपनियों की ओर से कीमतों में कटौती को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
3 जुलाई को प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| मुंबई | 111.21 | 97.83 |
| कोलकाता | 113.51 | 99.82 |
| चेन्नई | 108.01 | 99.66 |
| हैदराबाद | 115.73 | 103.82 |
| बेंगलुरु | 110.89 | 98.80 |
फिलहाल राहत के संकेत नहीं
25 मई के बाद से देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में स्थायी गिरावट नहीं रहती और तेल विपणन कंपनियां लागत के आधार पर समीक्षा नहीं करतीं, तब तक ईंधन की कीमतों में कटौती की संभावना सीमित रहेगी।













