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हमास हमले के 1000 दिन: युद्ध का गहरा असर, 26,200 इजराइली सैनिक घायल; मानसिक स्वास्थ्य संकट पर रक्षा मंत्रालय की चेतावनी

3 July 2026 Fact Recorder

International Desk:  7 अक्टूबर 2023 को हुए हमास के हमले के बाद शुरू हुए युद्ध के 1000 दिन पूरे होने के बीच इजराइल के रक्षा मंत्रालय ने सैनिकों की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई है। मंत्रालय के अनुसार, अब तक 26,200 इजराइली रक्षा बल (IDF) के सैनिक और सुरक्षा कर्मी घायल हो चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही है।

रक्षा मंत्रालय का कहना है कि घायल सैनिकों में करीब 65 प्रतिशत को पोस्ट ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD), चिंता, अवसाद और सामान्य जीवन में लौटने जैसी मानसिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि यदि पुनर्वास व्यवस्था को अतिरिक्त संसाधन नहीं मिले, तो मौजूदा सिस्टम पर अत्यधिक दबाव पड़ सकता है।

2028 तक एक लाख के करीब पहुंच सकती है संख्या

मंत्रालय के अनुमान के मुताबिक, वर्ष 2026 तक युद्ध में घायल सैनिकों और सुरक्षा कर्मियों की संख्या 90,000 से अधिक हो सकती है, जबकि 2028 तक यह आंकड़ा लगभग 1 लाख तक पहुंचने की आशंका है। इनमें से करीब आधे लोगों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी उपचार की आवश्यकता पड़ सकती है।

आंकड़ों के अनुसार, 7 अक्टूबर 2023 के बाद से लगभग 17,000 लोगों का इलाज मनोवैज्ञानिक आघात के लिए किया गया है। इनमें करीब 7,700 सैनिक ऐसे हैं जिन्हें शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की चोटें आई हैं, जबकि लगभग 9,000 लोगों का उपचार मुख्य रूप से शारीरिक चोटों के लिए किया जा रहा है।

पुनर्वास प्रणाली को मजबूत करने की सिफारिश

रक्षा मंत्रालय के महानिदेशक अमीर बाराम ने कहा कि विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों को लागू करना बेहद जरूरी है। इन सिफारिशों में पुनर्वास विभाग का बजट बढ़ाना, प्रत्येक घायल पूर्व सैनिक के लिए व्यक्तिगत केस मैनेजर नियुक्त करना और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करना शामिल है।

उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्रालय और वित्त मंत्रालय दोनों ने इन सुझावों का समर्थन किया है, लेकिन समय पर इन्हें लागू करना आवश्यक है। बाराम के अनुसार, यदि आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो युद्ध में घायल सैनिकों के पुनर्वास की राष्ट्रीय व्यवस्था गंभीर दबाव में आ सकती है।

मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का किया गया विस्तार

युद्ध के बाद बढ़ती जरूरत को देखते हुए इजराइल ने पुनर्वास सेवाओं का दायरा भी बढ़ाया है। मंत्रालय के मुताबिक, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की संख्या बढ़ाकर करीब 4,000 कर दी गई है। इसके अलावा देशभर में पुनर्वास केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई है, नौ पुनर्वास फार्म स्थापित किए गए हैं, एक मोबाइल मानसिक स्वास्थ्य संकट इकाई शुरू की गई है और युवा मरीजों के लिए विशेष नर्सिंग सुविधा भी विकसित की गई है।

मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में उपचार करा रहे मरीजों में 92 प्रतिशत पुरुष और 8 प्रतिशत महिलाएं हैं। वहीं, नए मरीजों में लगभग आधे की उम्र 30 वर्ष से कम है।

रक्षा मंत्रालय का कहना है कि युद्ध के लंबे प्रभाव को देखते हुए केवल चिकित्सा सुविधाएं बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और पुनर्वास के लिए दीर्घकालिक राष्ट्रीय रणनीति अपनाने की आवश्यकता है