21 May 2026 Fact Recorder
Himachal Desk: हिमाचल प्रदेश में शहरी निकाय चुनावों के नतीजों ने कांग्रेस सरकार की चिंता बढ़ा दी है। उपचुनावों में बेहतर प्रदर्शन के बाद अब कई मंत्रियों के गृह क्षेत्रों और विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है। मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu 22 मई को होने वाली मंत्रिमंडल बैठक में मंत्रियों से हार के कारणों पर विस्तृत फीडबैक लेंगे।
शिमला स्थित राज्य सचिवालय में होने वाली इस बैठक में उपमुख्यमंत्री Mukesh Agnihotri समेत मंत्री Dhani Ram Shandil, Vikramaditya Singh, Rajesh Dharmani और Rohit Thakur अपने-अपने क्षेत्रों में मिली हार के कारण बताएंगे।
हालांकि कांग्रेस ने कुल मिलाकर चुनावों में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन कई अहम नगर परिषदों और नगर पंचायतों में भाजपा की जीत पार्टी के लिए चिंता का विषय बन गई है। ऊना जिले की टाहलीवाल नगर पंचायत, जो उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का गृह क्षेत्र मानी जाती है, वहां भाजपा ने कब्जा कर लिया। वहीं शिमला जिले की रामपुर नगर परिषद में भी भाजपा ने जीत दर्ज की, जहां लंबे समय से कांग्रेस का प्रभाव माना जाता रहा है।
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी के गृह जिला बिलासपुर में भाजपा ने सभी चार निकायों में जीत हासिल की। सोलन जिले में पांच में से चार निकाय भाजपा के खाते में गए, जबकि यह स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल का गृह जिला है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के क्षेत्र जुब्बल-कोटखाई में कांग्रेस को जुब्बल में जीत मिली, लेकिन कोटखाई में हार का सामना करना पड़ा।
सरकार अब इन हारों के कारणों की समीक्षा कर आगामी विधानसभा चुनावों से पहले संगठन और रणनीति में सुधार करने की तैयारी में जुट गई है। वहीं 31 मई को नगर निगमों और जिला परिषद चुनाव परिणाम आने के बाद प्रदेश की राजनीतिक तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।













