30 अप्रैल 2026 Fact Recorder
Business Desk: वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव, खासकर पश्चिम एशिया संकट और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। गुरुवार को बाजार खुलते ही भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांक दबाव में आ गए।
शुरुआती कारोबार में BSE Sensex करीब 959 अंक गिरकर 76,537 के आसपास पहुंच गया। वहीं Nifty 50 भी लगभग 286 अंकों की गिरावट के साथ 24,000 के नीचे फिसलकर 23,892 के स्तर पर आ गया।
इस गिरावट की बड़ी वजह पश्चिम एशिया में जारी अनिश्चितता और होर्मुज क्षेत्र को लेकर बढ़ती चिंताएं हैं, जिससे ग्लोबल एनर्जी मार्केट में उथल-पुथल मची हुई है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है।
साथ ही भारतीय मुद्रा पर भी दबाव बना हुआ है। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 95 के पार पहुंच गया और शुरुआती कारोबार में 95.07 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक गिर गया।
बाजार में उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX भी बढ़कर 18.29 पर पहुंच गया, जो निवेशकों में बढ़ती घबराहट का संकेत है।
एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने हाल के सत्र में करीब 2,468 करोड़ रुपये की बिकवाली की है। लगातार हो रही इस निकासी और डॉलर की मजबूती के कारण बाजार पर दबाव बना हुआ है।
निष्कर्ष:
ग्लोबल अनिश्चितता, महंगा होता कच्चा तेल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली—इन सभी कारणों से फिलहाल बाजार में कमजोरी का माहौल बना हुआ है। निवेशकों को सतर्क रहने और बाजार के रुख पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।













