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हिमाचल में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बनने का मौका होगा आसान, आय सीमा बढ़ाकर 75 हजार करने की तैयारी

September 09,2026 Fact Recorder

Himachal Desk:  हिमाचल प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका बनने की तैयारी कर रही महिलाओं के लिए राहत की खबर है। प्रदेश सरकार पात्रता के लिए निर्धारित परिवार की वार्षिक आय सीमा को बढ़ाने की तैयारी कर रही है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसे 11 सितंबर को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा।

50 हजार से बढ़कर 75 हजार होगी आय सीमा

मौजूदा नियमों के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका समेत विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए परिवार की वार्षिक आय 50 हजार रुपये तक होना जरूरी है। सरकार अब इस सीमा को बढ़ाकर 75 हजार रुपये करने का प्रस्ताव लेकर आई है।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद परिवार की सभी आय के स्रोतों को शामिल करते हुए 75 हजार रुपये तक का वार्षिक आय प्रमाणपत्र मान्य होगा। इससे उन परिवारों को भी पात्रता का लाभ मिलने की उम्मीद है, जो मौजूदा 50 हजार रुपये की सीमा के कारण योजनाओं से बाहर हो रहे थे।

अधिक परिवारों को मिलेगा लाभ

महंगाई और लोगों की बदलती आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए आय सीमा बढ़ाने की मांग लंबे समय से उठती रही है। यदि कैबिनेट प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो आय सीमा में 25 हजार रुपये की बढ़ोतरी होगी। इससे निम्न आय वर्ग के अधिक परिवार पात्रता के दायरे में आ सकते हैं।

इसका सीधा फायदा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के पदों के लिए आवेदन करने वाली पात्र महिलाओं को भी मिल सकता है।

आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के पोषण पर भी जोर

मंत्रिमंडल की बैठक में मातृ-शिशु योजना के प्रारूप को भी मंजूरी के लिए रखा जाएगा। प्रस्ताव के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को दूध और अंडे के साथ अन्य जरूरी पोषण सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।

सरकार का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाना और कुपोषण की समस्या को कम करना है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत खाद्य सामग्री की आपूर्ति हिमाचल प्रदेश खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम और मिल्कफेड के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाने की योजना है।