Business Desk: यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने लंबित मांगों को लेकर 11 सितंबर 2026 को देशव्यापी बैंक हड़ताल का ऐलान किया है। यूनियनों का कहना है कि 5-डे बैंकिंग, पेंशन सुधार और परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) समेत कई मुद्दों पर सरकार और बैंक प्रबंधन की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
अगर प्रस्तावित हड़ताल होती है, तो बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। 11 सितंबर शुक्रवार के बाद शनिवार और रविवार की छुट्टियां हैं। इसके अलावा कुछ राज्यों में 14 सितंबर को भी अवकाश होने के कारण बैंकिंग कामकाज पर कई दिनों तक असर पड़ने की संभावना है।
5-डे बैंकिंग व्यवस्था की मांग
बैंक यूनियनें लंबे समय से सोमवार से शुक्रवार तक बैंक खोलने की मांग कर रही हैं। UFBU के मुताबिक, 8 मार्च 2024 को हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते के तहत 5-डे बैंकिंग व्यवस्था के प्रस्ताव पर सहमति बनी थी। इसके लिए कार्यदिवसों में रोजाना करीब 40 मिनट अतिरिक्त काम करने का प्रस्ताव था, लेकिन इसे अब तक लागू नहीं किया गया है।
PLI योजना को लेकर भी विरोध
यूनियनों ने स्केल-IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए प्रस्तावित PLI व्यवस्था पर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि प्रोत्साहन योजना व्यक्तिगत प्रदर्शन के बजाय बैंक के समग्र प्रदर्शन से जुड़ी होनी चाहिए और विभिन्न कैडर के कर्मचारियों के बीच समानता बनी रहनी चाहिए।
UFBU का दावा है कि PLI से जुड़ा विवाद मुख्य श्रम आयुक्त के समक्ष सुलह प्रक्रिया में है और मामला दिल्ली हाईकोर्ट में भी लंबित है।
पेंशन और OPS भी प्रमुख मांग
बैंक यूनियनों की अन्य मांगों में पेंशन अपडेट, पेंशन में सुधार, सभी पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते की समान गणना और NPS के तहत आने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) में शामिल होने का विकल्प देना शामिल है।
आगे भी हड़ताल की चेतावनी
UFBU ने मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में 28 सितंबर से तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी है। इसके बाद 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का भी ऐलान किया गया है।
हालांकि, प्रस्तावित हड़ताल का वास्तविक असर सरकार और बैंक प्रबंधन के साथ होने वाली बातचीत तथा आगे के घटनाक्रम पर निर्भर करेगा।













