29 अप्रैल 2026 Fact Recorder
Business Desk: अब तक सोना निवेश का सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता था, लेकिन बदलते दौर में आर्टवर्क और एंटीक एसेट्स भी ‘सेफ हेवन’ के रूप में उभर रहे हैं। हालिया ट्रेंड दिखाता है कि अरबपति निवेशक तेजी से सदियों पुरानी कला की ओर रुख कर रहे हैं, जहां रिटर्न के साथ-साथ विरासत की भी अहमियत जुड़ी होती है।
इस बदलाव की बड़ी मिसाल तब देखने को मिली जब Cyrus Poonawalla ने मशहूर चित्रकार Raja Ravi Varma की एक पेंटिंग करीब 167 करोड़ रुपये में खरीद ली। यह डील भारतीय आर्ट मार्केट में एक नया रिकॉर्ड बन गई और इसने साफ कर दिया कि अब आर्ट सिर्फ शौक नहीं, बल्कि मजबूत निवेश विकल्प बन चुका है।
यह ट्रेंड सिर्फ एक सौदे तक सीमित नहीं है। Christie’s की लंदन नीलामी में मुगलकालीन पेंटिंग A Family of Cheetahs लगभग 120 करोड़ रुपये में बिकी, जो अनुमानित कीमत से कई गुना ज्यादा थी। वहीं M. F. Husain की पेंटिंग Gram Yatra ने 118 करोड़ रुपये में बिककर मॉडर्न इंडियन आर्ट में नया रिकॉर्ड बनाया।
क्यों बन रहा है आर्ट ‘सेफ हेवन’?
विशेषज्ञों के अनुसार, इसका सबसे बड़ा कारण इसकी ‘दुर्लभता’ है। सदियों पुराने आर्टवर्क सीमित संख्या में मौजूद हैं और इन्हें दोबारा बनाया नहीं जा सकता। इसके अलावा, इनकी कीमतें शेयर बाजार की तरह सीधे उतार-चढ़ाव से प्रभावित नहीं होतीं, जिससे जोखिम अपेक्षाकृत कम रहता है।
आर्ट एक्सपर्ट्स का मानना है कि हाई नेट-वर्थ निवेशक अब अपने पोर्टफोलियो को विविध बनाने के लिए आर्ट को शामिल कर रहे हैं। यह लंबी अवधि में संपत्ति सुरक्षित रखने का एक प्रभावी तरीका बनता जा रहा है।
रिटर्न भी बना बड़ा आकर्षण
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय आर्ट मार्केट में हाल के वर्षों में शानदार रिटर्न देखने को मिला है। कुछ इंडेक्स के अनुसार, 2025 में आर्ट में करीब 35% सालाना रिटर्न दर्ज किया गया, जबकि 5 साल का औसत ग्रोथ (CAGR) लगभग 18% रहा है।
यही वजह है कि अब निवेशक पारंपरिक विकल्पों से आगे बढ़कर ऐसे एसेट्स में पैसा लगा रहे हैं, जो न सिर्फ ऐतिहासिक महत्व रखते हैं बल्कि भविष्य में मजबूत आर्थिक लाभ भी दे सकते हैं।













