26 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को बिहार के अररिया जिले में भारत-नेपाल सीमा स्थित लेट्टी बॉर्डर पर एसएसबी कैंप का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने घुसपैठ को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सरकार एक-एक घुसपैठिये को चुन-चुनकर भारत की भूमि से बाहर भेजेगी और इसकी शुरुआत सीमांचल क्षेत्र से कुछ ही दिनों में होगी।
अमित शाह ने कहा कि बिहार की जनता से किया गया यह कोई चुनावी वादा नहीं, बल्कि मोदी सरकार का दृढ़ संकल्प है। उन्होंने स्पष्ट किया कि घुसपैठ से न सिर्फ चुनाव प्रभावित होते हैं, बल्कि गरीबों के राशन, युवाओं के रोजगार और देश की सुरक्षा पर भी सीधा असर पड़ता है।
गृह मंत्री ने बताया कि सीमा के 10 किलोमीटर के दायरे में मौजूद सभी अवैध अतिक्रमणों को ध्वस्त किया जाएगा और अवैध रूप से रह रहे घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें देश से बाहर भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि अवैध घुसपैठ से होने वाला जनसांख्यिकीय बदलाव किसी भी देश की संस्कृति, इतिहास और भूगोल के लिए खतरनाक है।
शाह ने यह भी घोषणा की कि केंद्र सरकार एक उच्च स्तरीय जनसांख्यिकीय समिति का गठन करेगी, जो सीमांत क्षेत्रों सहित पूरे देश में जनसंख्या संरचना में हो रहे बदलावों का अध्ययन कर समाधान सुझाएगी। उन्होंने कहा कि इस समस्या से सबसे अधिक प्रभावित राज्य पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार हैं।
कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री ने सीमांचल की जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि पूरा देश मिलकर घुसपैठ के खिलाफ अभियान में भाग ले और भारत को घुसपैठियों से मुक्त बनाया जाए।













