अक्षय तृतीया 2026: तिजोरी से लेकर मोबाइल तक, सोने की खरीद में दिखेगा नया ट्रेंड

19 अप्रैल 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Business Desk: अक्षय तृतीया के मौके पर इस बार सोने की खरीदारी का तरीका बदलता नजर आ रहा है। जहां एक ओर लोग पारंपरिक गहनों और फिजिकल गोल्ड की खरीद करेंगे, वहीं दूसरी ओर डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ETF और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जैसे विकल्पों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि कम बजट में निवेश, शुद्धता की गारंटी और लॉकर की जरूरत नहीं होने के कारण युवा निवेशक डिजिटल गोल्ड की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। यही वजह है कि इस बार अक्षय तृतीया पर फिजिकल और डिजिटल गोल्ड दोनों का मेल देखने को मिल सकता है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के कमोडिटी विश्लेषक मानव मोदी के अनुसार, सोने में निवेश करने का तरीका धीरे-धीरे बदल रहा है। उन्होंने कहा कि अक्षय तृतीया पर फिजिकल गोल्ड की खरीद अभी भी अहम है, लेकिन निवेशक अब ऐसे विकल्पों की तलाश में हैं जो अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक हों।

रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2026 में भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक आर्थिक सुस्ती और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता के बीच सोना और चांदी निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प बने हुए हैं। इस साल अब तक सोने में करीब 10 प्रतिशत और चांदी में लगभग 5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है।

हालांकि, घरेलू बाजार में ऊंची कीमतों के कारण आभूषणों की मांग पर असर पड़ा है। खरीदार फिलहाल कीमतों को लेकर सतर्क हैं, जिससे बाजार में डिस्काउंट और कमजोर मांग का दबाव बना हुआ है।

मोतीलाल ओसवाल की कमोडिटी रिसर्च प्रमुख नवनीत दमानी का कहना है कि सोने की कीमतों पर डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों की उम्मीदों का असर पड़ता है, लेकिन महंगाई, वैश्विक अनिश्चितता और लंबे समय के निवेश की मांग सोने को समर्थन दे रही है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में शुक्रवार को सोने और चांदी दोनों में तेजी दर्ज की गई। सोना 1,457 रुपये बढ़कर 1,54,609 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। वहीं, चांदी 8,514 रुपये की तेजी के साथ 2,57,142 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

इसके उलट, दिल्ली के सर्राफा बाजार में मांग कमजोर रहने के कारण सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 1,600 रुपये घटकर 1,56,200 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया, जबकि चांदी 5,700 रुपये टूटकर 2,53,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।

एलकेपी सिक्योरिटीज के विशेषज्ञ जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और युद्धविराम से जुड़ी खबरों के कारण बाजार फिलहाल सतर्क बना हुआ है। आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है और बाजार किसी भी नई खबर पर तेजी से प्रतिक्रिया देगा।