May 02, 2026 Fact Recorder
International Desk: अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर मोहम्मद सलीम डोला को आखिरकार भारतीय एजेंसियों ने पकड़ लिया। दाऊद इब्राहिम के करीबी माने जाने वाले डोला को तुर्की से भारत लाया गया है। वह लंबे समय से फर्जी पहचान के साथ छिपकर रह रहा था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, डोला इस्तांबुल में “हमजा” नाम से एक बुल्गारियाई पासपोर्ट पर रह रहा था। यह पासपोर्ट असली था या नकली, इसकी जांच अभी जारी है। उसे 26 अप्रैल को इस्तांबुल में हिरासत में लिया गया।
डोला को पकड़ना एजेंसियों के लिए आसान नहीं था। भारतीय जांच एजेंसियां इंटरपोल की मदद से लंबे समय से उसकी तलाश में थीं। वह खुद को पूरी तरह अंडरग्राउंड कर चुका था—करीब डेढ़ साल तक न तो कमरे से बाहर निकला और न ही किसी से सीधे संपर्क में रहा।
लेकिन एक छोटी सी गलती उस पर भारी पड़ गई। बताया जा रहा है कि डोला ने अपने ठिकाने के पते पर एक कुरियर मंगवाया। इसी के जरिए एजेंसियों को उसकी लोकेशन का सुराग मिला और इंटरपोल की मदद से उसे ट्रैक कर लिया गया।
सूचना मिलते ही इस्तांबुल पुलिस ने उसके ठिकाने पर छापा मारा। तलाशी के दौरान तीन पासपोर्ट बरामद हुए—एक बुल्गारिया का और दो भारतीय। बुल्गारियाई पासपोर्ट में उसका नाम “हमजा” दर्ज था।
इसके बाद भारतीय एजेंसियों ने विदेश मंत्रालय के सहयोग से एक विशेष अभियान चलाकर उसे भारत लाने में सफलता हासिल की। बताया जाता है कि तुर्की का इस्तेमाल वह ड्रग तस्करी के ट्रांजिट रूट के तौर पर करता था, क्योंकि यह एशिया, यूरोप और मिडिल ईस्ट के बीच स्थित है।
जांच में यह भी सामने आया है कि डोला का नेटवर्क कई देशों तक फैला हुआ था और वह सिंथेटिक ड्रग्स जैसे MDMA की सप्लाई को रिमोट तरीके से संचालित करता था। उसके परिवार के कई सदस्य भी इस अवैध कारोबार में शामिल बताए जा रहे हैं।













