November 6,2026 Fact Recorder
National Desk: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में जनसंख्या संरचना को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने हिंदू और मुस्लिम समुदायों में बच्चों के जन्म से जुड़े आंकड़े साझा करते हुए जनसांख्यिकीय बदलाव पर चिंता जताई है। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस पूरे मामले का अध्ययन करने के लिए एक विशेष समिति गठित करने की मांग की है।
सोमैया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा करते हुए दावा किया कि मुंबई में हिंदू और मुस्लिम बच्चों के जन्म का अनुपात लगभग 3:2 है। उन्होंने इन आंकड़ों के आधार पर शहर की बदलती जनसंख्या संरचना पर सवाल उठाए और ‘मुस्लिम मुंबई’ बनने की आशंका भी जाहिर की।
2025 में कितने हिंदू और मुस्लिम बच्चों का हुआ जन्म?
बीजेपी नेता किरीट सोमैया के मुताबिक, वर्ष 2025 में मुंबई में 70,380 हिंदू बच्चों और 48,554 मुस्लिम बच्चों का जन्म हुआ। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में पिछले पांच वर्षों के आंकड़े भी साझा किए हैं।
सोमैया द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
वर्ष 2025: 70,380 हिंदू और 48,554 मुस्लिम बच्चों का जन्म।
पिछले पांच साल: 3,36,625 हिंदू और 2,20,754 मुस्लिम बच्चों का जन्म।
दावा किया गया अनुपात: हिंदू और मुस्लिम बच्चों के जन्म का अनुपात लगभग 3:2।
इन आंकड़ों को सामने रखते हुए उन्होंने मुंबई की जनसंख्या संरचना में संभावित बदलाव को लेकर चिंता जताई है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से की विशेष समिति बनाने की मांग
किरीट सोमैया ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मांग की है कि मुंबई में हो रहे जनसांख्यिकीय बदलावों की जांच और अध्ययन के लिए एक विशेष डेमोग्राफिक कमेटी बनाई जाए। उनका कहना है कि शहर की जनसंख्या से जुड़े आंकड़ों का विस्तृत विश्लेषण किया जाना चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
इस मुद्दे के सामने आने के बाद मुंबई की जनसंख्या संरचना को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज होने की संभावना है। हालांकि, सोमैया की ओर से साझा किए गए आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जन्म के आंकड़े अपने आप में किसी शहर की धार्मिक जनसंख्या में दीर्घकालिक बदलाव साबित नहीं करते। इसके लिए आधिकारिक जनगणना, प्रवास और अन्य जनसांख्यिकीय आंकड़ों का अध्ययन जरूरी है।













