September 28,2026 Fact Recorder
एंटरटेनमेंट डेस्क: बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर आज अपना 44वां जन्मदिन मना रहे हैं। दिग्गज अभिनेता ऋषि कपूर और नीतू कपूर के बेटे तथा राज कपूर के पोते रणबीर का फिल्मी सफर कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। कपूर परिवार से होने के बावजूद उन्होंने अभिनय के साथ अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश की और अलग-अलग तरह के किरदारों से दर्शकों के बीच जगह बनाई।
अमेरिका में की फिल्ममेकिंग और एक्टिंग की पढ़ाई
रणबीर कपूर का जन्म 28 सितंबर 1982 को हुआ था। उन्होंने अमेरिका के स्कूल ऑफ विजुअल आर्ट्स और ली स्ट्रासबर्ग थिएटर एंड फिल्म इंस्टीट्यूट से फिल्ममेकिंग और मेथड एक्टिंग की पढ़ाई की। फिल्मों में बतौर अभिनेता आने से पहले उन्होंने निर्देशन और असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर भी काम किया।
रणबीर ने ‘आ अब लौट चलें’ और ‘ब्लैक’ जैसी फिल्मों में असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम किया। पढ़ाई के दौरान उन्होंने शॉर्ट फिल्म ‘पैशन टू लव’ का निर्देशन किया और ‘इंडिया 1964’ में अभिनय भी किया।
ऋषि कपूर के साथ रिश्ते में रहे उतार-चढ़ाव
रणबीर कपूर और उनके पिता ऋषि कपूर के रिश्ते को लेकर कई किस्से सामने आए हैं। ऋषि कपूर ने अपनी आत्मकथा ‘खुल्लम खुल्ला’ में बताया था कि वह रणबीर के साथ सख्त रवैया रखते थे और चाहते थे कि बेटा उन्हें पिता के रूप में सम्मान दे।
रणबीर ने भी अलग-अलग मौकों पर अपने बचपन के ऐसे किस्से साझा किए हैं, जब पिता की सख्ती का उन्हें सामना करना पड़ा। एक घटना मंदिर में जूते पहनकर जाने से जुड़ी थी, जबकि दूसरी घटना उनकी बहन रिद्धिमा कपूर को परेशान करने के बाद हुई थी।
पिता चाहते थे कि रणबीर अपने दम पर आगे बढ़ें
कपूर परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद ऋषि कपूर चाहते थे कि रणबीर अपनी मेहनत से अपनी पहचान बनाएं। अमेरिका में पढ़ाई के दौरान भी उन्हें सीमित खर्च के लिए पैसे भेजे जाने की बात सामने आई थी। अमेरिका से लौटने के बाद उनकी गाड़ी वापस ले लिए जाने का किस्सा भी इसी संदर्भ में बताया जाता है।
ऋषि कपूर का मानना था कि रणबीर को परिवार की पहचान के बजाय अपने काम के दम पर आगे बढ़ना चाहिए।
‘सांवरिया’ से शुरू हुआ अभिनय का सफर
साल 2007 में संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘सांवरिया’ से रणबीर कपूर ने बतौर अभिनेता बॉलीवुड में डेब्यू किया। शुरुआती दौर में उनके अभिनय को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं मिलीं, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने अलग-अलग तरह की फिल्मों में काम करके अपनी पहचान मजबूत की।
‘अजब प्रेम की गजब कहानी’ ने उन्हें दर्शकों के बीच लोकप्रिय बनाया। इसके बाद ‘रॉकस्टार’ ने उनके करियर को एक अलग दिशा दी। फिल्म में रणबीर के अभिनय और किरदार को काफी सराहना मिली।
‘बर्फी’ से ‘संजू’ और ‘एनिमल’ तक
रणबीर कपूर ने अपने करियर में रोमांटिक, कॉमेडी और गंभीर किरदारों के साथ प्रयोग किए। ‘बर्फी!’ में उनके अभिनय को खूब पसंद किया गया। इसके बाद ‘ये जवानी है दीवानी’, ‘संजू’, ‘ब्रह्मास्त्र’ और ‘एनिमल’ जैसी फिल्मों ने उनके करियर को आगे बढ़ाया।
‘संजू’ में उन्होंने अभिनेता संजय दत्त का किरदार निभाया, जबकि ‘एनिमल’ में उनका किरदार काफी अलग अंदाज में नजर आया। इन फिल्मों के जरिए रणबीर ने एक ही तरह की भूमिकाओं तक सीमित रहने के बजाय अलग-अलग किरदारों को अपनाया।
कई बड़े पुरस्कार भी मिले
रणबीर कपूर को अपने अभिनय के लिए कई पुरस्कार मिल चुके हैं। उनके खाते में फिल्मफेयर अवॉर्ड्स भी शामिल हैं। ‘रॉकस्टार’, ‘बर्फी!’, ‘संजू’ और ‘एनिमल’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को पुरस्कारों के स्तर पर भी पहचान मिली।
अब ‘रामायण’ पर नजर
रणबीर कपूर आने वाले समय में नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ में नजर आएंगे। इस फिल्म को लेकर लंबे समय से चर्चा बनी हुई है। ऐसे में उनके प्रशंसकों की नजर अब उनके अगले बड़े प्रोजेक्ट पर है।
कपूर परिवार की विरासत से शुरुआत करने वाले रणबीर कपूर ने पिछले वर्षों में अलग-अलग किरदारों और फिल्मों के जरिए अपनी एक स्वतंत्र पहचान बनाई है। उनका सफर यह भी दिखाता है कि फिल्मी परिवार से आने के बावजूद अभिनेता के करियर की दिशा उसके चुने हुए किरदार और काम से तय होती है।











