पटना, 21 सितंबर 2026 Fact Recorder
Education Desk: बिहार में TET और STET के आधार पर नियुक्त शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। विभाग ने वर्ष 2015 तक नियुक्त TET-STET शिक्षकों के वेरिफाइड प्रमाणपत्र और नियुक्ति से जुड़े रिकॉर्ड दोबारा उपलब्ध कराने को कहा है। यह प्रक्रिया निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की जांच से जुड़ी बताई जा रही है।
जिला स्तर पर सभी नियोजन इकाइयों से संबंधित शिक्षकों की सूची और उनके प्रमाणपत्रों का सत्यापित रिकॉर्ड मांगा गया है। इसके अलावा BPSC के माध्यम से नियुक्त और दूसरे जिलों में स्थानांतरित हो चुके शिक्षकों के दस्तावेज भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
2015 तक नियुक्त शिक्षकों के प्रमाणपत्र होंगे जमा
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की ओर से TET और STET के आधार पर वर्ष 2015 तक नियुक्त शिक्षकों के प्रमाणपत्रों का वेरिफाइड रिकॉर्ड मांगा गया है। इसके बाद जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) ने संबंधित नियोजन इकाइयों को शिक्षकों की सूची के साथ ब्लॉकवार सत्यापित प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य नियुक्ति के दौरान जमा किए गए शैक्षणिक और प्रशैक्षणिक प्रमाणपत्रों से संबंधित रिकॉर्ड को दोबारा व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध कराना है।
BPSC से नियुक्त शिक्षकों का रिकॉर्ड भी मांगा
निर्देश में BPSC के माध्यम से TET के आधार पर नियुक्त उन शिक्षकों को भी शामिल किया गया है, जो बाद में दूसरे जिलों में स्थानांतरित हो चुके हैं। सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) को संबंधित शिक्षकों के नियुक्ति रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।
इन दस्तावेजों में नियुक्ति के समय जमा किए गए शैक्षणिक और प्रशैक्षणिक प्रमाणपत्र शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
फर्जी प्रमाणपत्रों की जांच से जुड़ा मामला
बिहार में नियोजित शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच पहले से निगरानी विभाग की कार्रवाई का हिस्सा रही है। मुजफ्फरपुर में 400 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति में कथित फर्जी प्रमाणपत्रों का मामला सामने आने की बात कही गई है। कुछ मामलों में प्राथमिकी दर्ज किए जाने की भी जानकारी दी गई थी।
इसी पृष्ठभूमि में अब पुराने नियुक्ति रिकॉर्ड और वेरिफाइड प्रमाणपत्रों को दोबारा जुटाया जा रहा है।
7,569 शिक्षकों को करना होगा छह महीने का ब्रिज कोर्स
इसके अलावा बिहार के प्राथमिक स्कूलों में B.Ed की योग्यता के आधार पर नियुक्त 7,569 शिक्षकों के लिए छह महीने का ब्रिज कोर्स पूरा करना जरूरी होगा।
जानकारी के अनुसार, इस कोर्स के लिए कुल 8,290 शिक्षकों ने आवेदन किया था। इनमें से 7,845 आवेदन शुल्क के साथ जमा किए गए, जबकि 200 से अधिक शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच पूरी होना अभी बाकी बताई गई है।
एक साल के भीतर पूरा करना होगा कोर्स
यह ब्रिज कोर्स NIOS के माध्यम से कराया जा रहा है। छह महीने के इस कोर्स को आधिकारिक रूप से शुरू होने की तारीख से एक वर्ष के भीतर पूरा करना होगा।
निर्धारित अवधि में कोर्स सफलतापूर्वक पूरा नहीं करने पर संबंधित शिक्षकों की नियुक्ति पर असर पड़ सकता है। इसलिए B.Ed के आधार पर प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्त शिक्षकों के लिए ब्रिज कोर्स से जुड़े निर्देशों का पालन करना महत्वपूर्ण होगा।













