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आज का पंचांग: मासिक शिवरात्रि पर करें भगवान शिव की आराधना, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और भद्रा का समय

 9 सितंबर 2026 Fact Recorder 

Rashifal Desk:  आज बुधवार के दिन भाद्रपद कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है और मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाएगा। आज अश्लेषा नक्षत्र और शिव योग का संयोग बन रहा है। चंद्रमा दोपहर 3:14 बजे तक कर्क राशि में रहेगा, इसके बाद सिंह राशि में प्रवेश करेगा।

आज सुबह से रात 9:52 बजे तक शिव योग रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान भगवान शिव की पूजा, मंत्र जाप, ध्यान और साधना करना शुभ माना जाता है।

मासिक शिवरात्रि पर ऐसे करें भगवान शिव की पूजा

मासिक शिवरात्रि के अवसर पर सुबह स्नान के बाद भगवान शिव का जलाभिषेक करें। शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर भगवान शिव की आराधना करें। व्रत कथा सुनना और शिव मंत्र का जाप करना भी शुभ माना जाता है।

आज बुधवार होने के कारण भगवान गणेश की पूजा का भी विशेष महत्व रहेगा। गणेश जी को दूर्वा, सिंदूर, फूल, फल और अक्षत अर्पित करें। ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का जाप कर पूजा पूरी करें।

मासिक शिवरात्रि का निशिता मुहूर्त रात 11:55 बजे से 12:41 बजे तक रहेगा।

आज के प्रमुख पंचांग विवरण

  • तिथि: त्रयोदशी दोपहर 12:30 बजे तक, इसके बाद चतुर्दशी
  • नक्षत्र: अश्लेषा दोपहर 3:14 बजे तक, फिर मघा
  • करण: वणिज 12:30 बजे तक, फिर विष्टि और बाद में शकुनि
  • योग: शिव रात 9:52 बजे तक, फिर सिद्ध
  • पक्ष: कृष्ण पक्ष
  • वार: बुधवार
  • चंद्र राशि: कर्क दोपहर 3:14 बजे तक, फिर सिंह

सूर्योदय और सूर्यास्त

  • सूर्योदय: सुबह 6:03 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 6:34 बजे
  • चंद्रोदय: 10 सितंबर को सुबह 5:03 बजे
  • चंद्रास्त: शाम 5:24 बजे

आज के शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:31 से 5:17 बजे
  • अमृत काल: दोपहर 1:43 से 3:14 बजे
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 2:23 से 3:13 बजे
  • निशिता मुहूर्त: रात 11:55 से 12:41 बजे

दिन के शुभ चौघड़िया

  • लाभ: 6:03 से 7:37 बजे
  • अमृत: 7:37 से 9:11 बजे
  • शुभ: 10:44 से 12:18 बजे
  • चर: 3:26 से 5:00 बजे
  • लाभ: 5:00 से 6:34 बजे

आज के अशुभ समय

  • यमगंड: 7:37 से 9:11 बजे
  • गुलिक काल: 10:44 से 12:18 बजे
  • दुर्मुहूर्त: 11:53 से 12:43 बजे
  • राहुकाल: 12:18 से 1:52 बजे
  • भद्रा: दोपहर 12:30 से रात 11:29 बजे तक
  • भद्रा वास: धरती पर
  • दिशाशूल: उत्तर दिशा

ध्यान दें: शुभ-अशुभ मुहूर्त स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं।