शिमला, हिमाचल प्रदेश; 05 सितंबर, 2026 Fact Recorder
Himachal Desk: प्रेस सूचना ब्यूरो, कोलकाता के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल के मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने शिमला स्थित अन्नाडेल में आर्मी हेरिटेज म्यूजियम का दौरा किया। यह संग्रहालय सेना प्रशिक्षण कमान (एआरटीआरएसी) मुख्यालय के अधीन है। एआरटीआरएसी भारतीय सेना की समर्पित प्रशिक्षण कमान है।
कर्नल अभिनव धस्माना ने प्रतिनिधिमंडल को भारतीय सेना की प्रशिक्षण व्यवस्था, परिचालन तैयारियों और सैन्य विरासत के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
1 अक्टूबर, 1991 को स्थापित एआरटीआरएसी भारतीय सेना की प्रशिक्षण नीतियों और सिद्धांतों के निर्माण, प्रशिक्षण की कार्यप्रणाली एवं मानकों के विकास तथा पूरे सेना संगठन में प्रशिक्षण के समन्वय और निगरानी के लिए जिम्मेदार है। इसके प्रशिक्षण नेटवर्क में 24 स्थानों पर 34 प्रशिक्षण संस्थान शामिल हैं, जहां परिचालन और पेशेवर प्रशिक्षण की व्यापक व्यवस्था की गई है।
प्रतिनिधिमंडल ने आर्मी हेरिटेज म्यूजियम का भी भ्रमण किया। एआरटीआरएसी द्वारा वर्ष 2006 में स्थापित इस संग्रहालय का उद्देश्य भारतीय सेना के इतिहास, परंपराओं और वीरता को संरक्षित एवं प्रदर्शित करना है। संग्रहालय में सैन्य वर्दियां, पदक, ध्वज, हथियार, तस्वीरें और अन्य सैन्य स्मृतिचिह्न प्रदर्शित किए गए हैं। ये प्रदर्शन भारतीय सैन्य विरासत के विकास के साथ-साथ भारतीय सैनिकों के योगदान और बलिदान को भी दर्शाते हैं।
संग्रहालय के प्रमुख हिस्सों में हेरिटेज सेक्शन, हिमाचल कॉर्नर और शौर्य हॉल शामिल हैं। यहां सैन्य नेतृत्व, वर्दियां, अस्त्र-शस्त्र, वीरता पुरस्कार, सैन्य बैंड एवं ध्वज, खेल एवं साहसिक गतिविधियों तथा संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में भारत के योगदान से जुड़े प्रदर्शन लगाए गए हैं। हिमाचल कॉर्नर राज्य के भारतीय सेना के साथ गहरे संबंध और यहां के सैन्य नायकों को समर्पित है।
संग्रहालय में प्रदर्शित प्रमुख ऐतिहासिक वस्तुओं में 1971 का आत्मसमर्पण दस्तावेज (Instrument of Surrender) भी शामिल है। इसके अलावा भारतीय सैन्य इतिहास के महत्वपूर्ण अध्यायों तथा प्रमुख सैन्य नेताओं और वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों से जुड़ी अनेक ऐतिहासिक वस्तुएं यहां प्रदर्शित हैं।
संग्रहालय का एक्सपीरियंस सेंटर वर्चुअल रियलिटी आधारित सिमुलेशन के माध्यम से आगंतुकों को आधुनिक सैन्य तकनीक और समकालीन सैन्य अभियानों का इंटरैक्टिव अनुभव प्रदान करता है।
इस दौरे से मीडिया प्रतिनिधिमंडल को भारतीय सेना की संस्थागत प्रशिक्षण प्रणाली के साथ-साथ उसकी समृद्ध सैन्य विरासत, परंपराओं और वीरता को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिला।












