Home Chandigarh सात माह की बच्ची को चाकू लगने के मामले में रामदरबार निवासी...

सात माह की बच्ची को चाकू लगने के मामले में रामदरबार निवासी को 4 साल की सजा

August 27,2026 Fact Recorder

Chandigarh Desk:  जिला अदालत ने करीब छह साल पुराने हत्या के प्रयास के मामले में रामदरबार निवासी राहुल को चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। वर्ष 2020 में हुए हमले के दौरान आरोपी के चाकू से सात माह की बच्ची घायल हो गई थी। अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 307 के तहत राहुल को दोषी करार दिया।

2020 में हुआ था विवाद

अभियोजन पक्ष के अनुसार, मामला 10 मार्च 2020 का है। रामदरबार निवासी सुनीता की शिकायत पर सेक्टर-31 थाने में केस दर्ज किया गया था। सुनीता ने पुलिस को बताया था कि घटना के समय उनकी बहू बाजार गई हुई थी और अपनी सात माह की बेटी सीरत को उनके पास छोड़ गई थी।

इसी दौरान सुनीता के बेटे आकाश और पड़ोसी राहुल के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। सुनीता अपने बेटे को घर ले आईं, जबकि राहुल की मां उसे अपने घर के अंदर ले गई।

चाकू लेकर घर पहुंचा आरोपी

अभियोजन के मुताबिक, कुछ देर बाद राहुल चाकू लेकर सुनीता के घर पहुंचा और कथित तौर पर उन पर हमला कर दिया। सुनीता हमले से बचने में सफल रहीं, लेकिन उनकी गोद में मौजूद सात माह की पोती के सिर पर चाकू लग गया।

सुनीता के शोर मचाने के बाद राहुल मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद सुनीता और बच्ची को इलाज के लिए सेक्टर-32 स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया।

अदालत में आरोपी ने आरोपों से किया इनकार

पुलिस ने सुनीता के बयान के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 324 और 307 तथा किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 के तहत मामला दर्ज किया था। बाद में अदालत ने राहुल के खिलाफ धारा 307 के तहत आरोप तय किए।

सुनवाई के दौरान राहुल के वकील ने अदालत में दलील दी कि आरोपी को मामले में झूठा फंसाया गया है। वहीं अभियोजन पक्ष ने कहा कि पेश किए गए साक्ष्यों से आरोपी का अपराध संदेह से परे साबित होता है।

मेडिकल और प्रत्यक्षदर्शी साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष ने चिकित्सकीय और प्रत्यक्षदर्शी साक्ष्यों के आधार पर मामला साबित किया है। अदालत के अनुसार, आरोपी की ओर से पहुंचाई गई चोटों से जानलेवा हमला करने की मंशा और जानकारी स्पष्ट होती है।

इसके बाद अदालत ने राहुल को भारतीय दंड संहिता की धारा 307 के तहत दोषी करार देते हुए चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।