August 24,2026 Fact Recorder
National Desk: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय की डायरी से जांच को लेकर एक और अहम जानकारी सामने आई है। डायरी में दर्ज विवरण के मुताबिक, एसआईटी ने ट्रस्ट से जुड़े लोगों से पूछताछ के दौरान गोपाल राव से भी अलग से बातचीत की थी।
डायरी के अनुसार, पूछताछ की शुरुआत में गोपाल राव ने कुछ आनाकानी की थी। इसके बाद एसआईटी की सख्ती के बाद उन्होंने जांच टीम को कुछ जानकारी दी। हालांकि, चंपत राय ने डायरी में यह स्पष्ट नहीं किया कि गोपाल राव ने एसआईटी को आखिर क्या बताया था। उन्होंने इस संबंध में मिली सूचना की सत्यता पर भी सवाल छोड़ा और लिखा कि यह जानकारी गलत भी हो सकती है।
तीन बार अयोध्या पहुंची थी SIT
डायरी में बताया गया है कि 16 जून से 16 जुलाई के बीच एसआईटी तीन बार अयोध्या आई थी। इससे पहले 15 जून को चंपत राय से करीब चार से पांच घंटे तक अकेले में बातचीत हुई थी। इसके बाद एसआईटी ने चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्र से सामूहिक रूप से भी चर्चा की। एक बैठक में गोपाल राव के मौजूद रहने का उल्लेख किया गया है।
जांच के दौरान एसआईटी ने डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव से अलग-अलग भी पूछताछ की। चंपत राय के अनुमान के अनुसार, जांच टीम ने करीब 50 से 60 लोगों से पूछताछ की थी। जांच से संबंधित मांगे गए दस्तावेज और कागजात भी एसआईटी को उपलब्ध कराए गए थे।
SIT को भेजा गया था लिखित पत्र
चंपत राय की डायरी में एसआईटी के साथ हुए पत्राचार का भी उल्लेख है। छह जुलाई को उन्होंने जांच टीम को पत्र भेजा था। उनका उद्देश्य यह था कि बातचीत के दौरान मौखिक रूप से बताई गई कोई महत्वपूर्ण जानकारी जांच टीम से छूट न जाए।
हालांकि, चंपत राय के अनुसार, उसी रात एसआईटी की कथित ‘परम गोपनीय’ प्रारंभिक रिपोर्ट सार्वजनिक हो गई। रिपोर्ट देखने के बाद उन्हें लगा कि उनके पत्र में दी गई बातें पहले से ही प्रारंभिक रिपोर्ट में दर्ज थीं।
ट्रस्टियों से संपर्क को लेकर भी हुआ था जिक्र
डायरी में यह भी लिखा है कि सीए अक्षय शुक्ला के माध्यम से चंपत राय को बताया गया था कि कुछ ट्रस्टी एसआईटी के फोन का जवाब नहीं दे रहे हैं। इसके बाद चंपत राय ने ट्रस्टियों के संपर्क नंबर उपलब्ध कराए, जिन्हें एसआईटी सदस्यों तक पहुंचाया गया।
इसके अलावा, एसआईटी सदस्य विश्वास पंत द्वारा गोविंद देव गिरि का मोबाइल नंबर मांगे जाने का भी डायरी में उल्लेख है। चंपत राय ने उन्हें एसआईटी से बातचीत के संबंध में लिखित संदेश भेजा था, जिसके बाद वार्ता होने की जानकारी मिली।
90 मूल्यवान वस्तुओं का रिकॉर्ड से हुआ मिलान
डायरी के मुताबिक, एसआईटी ने ट्रस्ट के रिकॉर्ड में दर्ज मूल्यवान वस्तुओं का तीन चरणों में सत्यापन भी किया। पहले चरण में 15, दूसरे चरण में 25 और तीसरे चरण में 50 मूल्यवान वस्तुओं का रिकॉर्ड से मिलान किया गया। कुल 90 वस्तुओं के सत्यापन में डायरी के अनुसार सभी वस्तुएं रिकॉर्ड के मुताबिक सही पाई गईं।
इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि चंपत राय की डायरी में एसआईटी की जांच, पूछताछ, दस्तावेजों के आदान-प्रदान और मूल्यवान वस्तुओं के सत्यापन से जुड़ी कई जानकारियां दर्ज हैं। हालांकि, गोपाल राव द्वारा एसआईटी को दी गई कथित जानकारी के बारे में डायरी में कोई स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया है।













