August 18,2026 Fact Recorder
Health Desk: किसी व्यक्ति की मौत के बाद अंगदान किसी दूसरे जरूरतमंद मरीज के लिए जिंदगी की नई उम्मीद बन सकता है। हालांकि, घर पर सामान्य या प्राकृतिक मौत होने के बाद अंगदान को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल और भ्रम रहते हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि घर पर मौत के बाद आखिर कौन से अंग दान किए जा सकते हैं और कौन से नहीं?
विशेषज्ञों के मुताबिक, ब्रेन डेथ और घर पर हुई सामान्य मौत के बाद अंगदान की संभावनाएं अलग-अलग होती हैं। हर अंग को मौत के बाद लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रखा जा सकता, क्योंकि शरीर में ब्लड और ऑक्सीजन का प्रवाह रुकने के बाद महत्वपूर्ण अंगों की कार्यक्षमता तेजी से प्रभावित होती है।
ब्रेन डेथ के बाद कई महत्वपूर्ण अंग किए जा सकते हैं डोनेट
अगर किसी व्यक्ति को अस्पताल में चिकित्सकीय प्रक्रिया के तहत ब्रेन डेथ घोषित किया जाता है, तो मेडिकल टीम की निगरानी में कई महत्वपूर्ण अंगों को ट्रांसप्लांट के लिए सुरक्षित किया जा सकता है।
ऐसे मामलों में हृदय, फेफड़े, लिवर, किडनी, पैंक्रियाज और छोटी आंत जैसे अंगों का दान संभव हो सकता है। इन अंगों को निर्धारित मेडिकल प्रक्रिया के तहत निकाला जाता है और तय समय सीमा के भीतर जरूरतमंद मरीजों में ट्रांसप्लांट किया जाता है।
घर पर सामान्य मौत के बाद क्या होता है?
अगर किसी व्यक्ति की घर पर सामान्य या प्राकृतिक मौत होती है, तो आमतौर पर हृदय, फेफड़े, लिवर और किडनी जैसे प्रमुख अंगों का ट्रांसप्लांट के लिए इस्तेमाल संभव नहीं होता।
इसका मुख्य कारण यह है कि मृत्यु के बाद शरीर में रक्त और ऑक्सीजन का संचार बंद हो जाता है। इससे महत्वपूर्ण अंगों को ट्रांसप्लांट के लिए सुरक्षित रखना मुश्किल हो जाता है।
कॉर्निया दान की हो सकती है संभावना
घर पर सामान्य मौत के बाद कॉर्निया डोनेशन की संभावना रहती है। कॉर्निया का इस्तेमाल ऐसे मरीजों की आंखों की रोशनी बहाल करने में किया जा सकता है, जिन्हें इसकी जरूरत होती है।
हालांकि, इसमें समय बेहद महत्वपूर्ण है। मौत के बाद जल्द से जल्द संबंधित आई बैंक या अधिकृत केंद्र से संपर्क करना चाहिए, ताकि मेडिकल टीम समय पर आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर सके।
कुछ टिश्यू भी किए जा सकते हैं डोनेट
कुछ परिस्थितियों में स्किन, बोन, टेंडन और हार्ट वाल्व जैसे टिश्यू का दान भी संभव हो सकता है। हालांकि, इसके लिए व्यक्ति की मेडिकल स्थिति और संबंधित टिश्यू बैंक के नियमों के अनुसार जांच की जाती है।
इसलिए किसी व्यक्ति के निधन के बाद परिवार को खुद से यह तय नहीं करना चाहिए कि कौन सा अंग या टिश्यू दान किया जा सकता है। इसके लिए तुरंत डॉक्टर या अधिकृत ऑर्गन और टिश्यू डोनेशन सेंटर से संपर्क करना जरूरी है।
डोनेशन के बाद शरीर का क्या होता है?
अंग या टिश्यू डोनेशन की प्रक्रिया मेडिकल विशेषज्ञों की निगरानी में सम्मानपूर्वक की जाती है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिवार सामान्य तरीके से अंतिम संस्कार कर सकता है।
डोनेशन से पहले मेडिकल टीम यह भी जांच करती है कि संबंधित अंग या टिश्यू ट्रांसप्लांट के लिए सुरक्षित और उपयुक्त हैं या नहीं।
परिवार को क्या करना चाहिए?
अगर घर पर किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है और उसने जीवन में अंगदान की इच्छा जताई थी, तो परिवार को बिना देरी किए डॉक्टर, नजदीकी अस्पताल, आई बैंक या अधिकृत ऑर्गन डोनेशन सेंटर से संपर्क करना चाहिए।
याद रखें, अंगदान में समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। हर मौत के बाद सभी अंग दान नहीं किए जा सकते, लेकिन सही समय पर सूचना देने से कॉर्निया या कुछ टिश्यू किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।













