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2027 में दुनिया पर मंडरा रहा ग्लोबल फूड क्राइसिस का खतरा, JP Morgan ने चेताया; भारत समेत ये देश सबसे ज्यादा प्रभावित

August 18,2026 Fact Recorder

Business Desk: अगले साल यानी 2027 में दुनिया को खाद्य संकट और बढ़ती खाद्य महंगाई की चुनौती का सामना करना पड़ सकता है JP Morgan रिपोर्ट के  मुताबिक, उर्वरक आपूर्ति में संभावित व्यवधान और मजबूत El Niño की स्थिति वैश्विक खाद्य उत्पादन पर दबाव बढ़ा सकती है।

उर्वरक संकट और El Niño बन सकते हैं बड़ी वजह

JP Morgan के अनुसार, ईरान संघर्ष और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े व्यवधानों के कारण फारस की खाड़ी से मिलने वाले नाइट्रोजन आधारित उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इससे किसानों की उत्पादन लागत बढ़ने के साथ फसल उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है।

इसके साथ ही संभावित Super El Niño मौसम के पैटर्न से बारिश, सूखा और तापमान में बड़े बदलाव हो सकते हैं। ऐसे हालात में कृषि उत्पादन प्रभावित होने से गेहूं, चावल, मक्का और अन्य प्रमुख खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर दबाव बढ़ने की आशंका है।

भारत, ब्राजील और इंडोनेशिया पर ज्यादा असर का खतरा

JP Morgan ने भारत, ब्राजील और इंडोनेशिया जैसे उभरते बाजारों को विशेष रूप से संवेदनशील बताया है। इन देशों में कृषि और खाद्य पदार्थों की घरेलू अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका है, जबकि कई कृषि क्षेत्रों में उर्वरक और मौसम संबंधी जोखिम महत्वपूर्ण हैं।

भारत के लिए El Niño खास चिंता का विषय हो सकता है, क्योंकि मानसून में बदलाव सीधे फसल उत्पादन को प्रभावित कर सकता है। वहीं ब्राजील और इंडोनेशिया जैसे बड़े कृषि उत्पादक देशों में भी मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियां वैश्विक सप्लाई को प्रभावित कर सकती हैं।

खाद्य महंगाई बढ़ने की आशंका

JP Morgan का आकलन है कि El Niño और ऊर्जा-उर्वरक लागत में बढ़ोतरी का संयुक्त असर 2027 में वैश्विक खाद्य महंगाई को बढ़ा सकता है। हालांकि, वैश्विक अनाज भंडार अभी अपेक्षाकृत मजबूत हैं, इसलिए इसे निश्चित रूप से आने वाला खाद्य संकट नहीं बल्कि बढ़ते जोखिम की चेतावनी के तौर पर देखना जरूरी है।

अगर उर्वरक आपूर्ति में लंबे समय तक व्यवधान और मौसम की गंभीर मार एक साथ पड़ती है, तो इसका असर उत्पादन से लेकर खाद्य कीमतों और आम लोगों की जेब तक दिखाई दे सकता है।