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हिमाचल में डेढ़ घंटे के भीतर दो बार भूकंप, चंबा रहा केंद्र; जानें कितनी रही तीव्रता

August 14, 2026 Fact Recorder

Himachal Pradesh Earthquake: शुक्रवार, 14 अगस्त को हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में भूकंप के दो झटके महसूस किए गए। करीब डेढ़ घंटे के अंतराल में धरती दो बार हिली। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, दोनों भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.0 रही। राहत की बात है कि भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।

सुबह 6:36 और 7:59 बजे आया भूकंप

NCS के मुताबिक, चंबा में पहला भूकंप सुबह 6:36 बजे दर्ज किया गया। इसकी तीव्रता 3.0 थी और भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 5 किलोमीटर नीचे रहा। इसका केंद्र 33.131° उत्तरी अक्षांश और 76.585° पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया।

इसके बाद सुबह करीब 7:59 बजे चंबा में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। इस बार भी तीव्रता 3.0 रही, जबकि भूकंप की गहराई करीब 10 किलोमीटर दर्ज की गई।

महाराष्ट्र के नासिक में भी दो बार कांपी धरती

हिमाचल के अलावा महाराष्ट्र के नासिक में भी शुक्रवार को दो बार भूकंप आया। पहला झटका रात करीब 12:05 बजे महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता 3.5 रही। इसकी गहराई करीब 5 किलोमीटर थी और केंद्र 20.483° उत्तरी अक्षांश तथा 73.791° पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया।

इसके बाद सुबह 5:32 बजे नासिक में फिर भूकंप आया। इसकी तीव्रता 3.4 और गहराई करीब 3 किलोमीटर दर्ज की गई। इसका केंद्र 20.461° उत्तरी अक्षांश और 73.748° पूर्वी देशांतर पर रहा।

एक दिन पहले लद्दाख में भी आए थे दो झटके

इससे एक दिन पहले गुरुवार को लद्दाख के लेह में भी भूकंप के दो झटके महसूस किए गए थे। पहला भूकंप सुबह 6:05 बजे आया, जिसकी तीव्रता 5.5 और गहराई 10 किलोमीटर दर्ज की गई। इसके बाद सुबह 9:54 बजे 4.3 तीव्रता का दूसरा भूकंप आया। दोनों घटनाओं में किसी बड़े नुकसान की सूचना सामने नहीं आई।

भूकंप के दौरान बरतें सावधानी

भूकंप के झटके महसूस होने पर घबराने के बजाय सुरक्षित स्थान पर जाने की कोशिश करनी चाहिए। घर के अंदर होने पर मजबूत मेज या फर्नीचर के नीचे जाकर सिर और गर्दन को सुरक्षित रखें और खिड़कियों, शीशों तथा भारी सामान से दूर रहें। बाहर होने की स्थिति में इमारतों, पेड़ों, बिजली के खंभों और तारों से दूरी बनाए रखें और खुले स्थान पर चले जाएं।

हिमाचल प्रदेश समेत जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्से भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील माने जाते हैं। ऐसे में भूकंप के दौरान सतर्कता और सुरक्षा उपायों का पालन करना बेहद जरूरी है।