4 August 2026 Fact Recorder
International Desk: नेटफ्लिक्स के शो ‘देसी ब्लिंग’ से चर्चा में आए कारोबारी सतीश सनपाल और उनकी पत्नी तबिंदा सनपाल की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (FIU) ने दोनों और उनसे जुड़ी कई कंपनियों की संपत्तियों एवं वित्तीय खातों को अस्थायी रूप से फ्रीज करने का आदेश जारी किया है।
रिपोर्ट के अनुसार, 13 जुलाई को जारी इस आदेश के तहत यूएई में मौजूद बैंक खातों, वित्तीय संस्थानों और वर्चुअल एसेट सर्विस प्रोवाइडर्स (VASPs) को सतीश और तबिंदा सनपाल से जुड़े खातों तथा डिजिटल वॉलेट्स पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
30 दिनों के लिए लागू रहेगा आदेश
नोटिस के मुताबिक यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद के वित्तपोषण और प्रसार वित्तपोषण की रोकथाम से जुड़े 2025 के डिक्री-लॉ नंबर 10 के तहत की गई है। आदेश के अनुसार, संबंधित फंड, बैंक खाते, जमा राशि और निवेश को तत्काल प्रभाव से 30 दिनों के लिए फ्रीज किया गया है। जरूरत पड़ने पर इस अवधि को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
कई कंपनियां भी जांच के दायरे में
नोटिस में सतीश सनपाल के अलावा उनकी पत्नी तबिंदा और उनसे जुड़ी कई व्यावसायिक संस्थाओं का भी उल्लेख किया गया है। इनमें ANAX Capital Asset Management Company, ANAX Capital Financial Markets LLC, ANAX Holding FZCO और SSB Bazaar General Trading LLC शामिल हैं।
वकील ने क्या कहा?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सतीश सनपाल के वकील कौशल जीत कैत ने कहा कि इस आदेश की आधिकारिक पुष्टि की जानी बाकी है। उनका कहना है कि अभी तक किसी जांच एजेंसी या प्रवर्तन प्राधिकरण की ओर से उन्हें औपचारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
लग्जरी लाइफस्टाइल से बने थे चर्चा का विषय
नेटफ्लिक्स पर ‘देसी ब्लिंग’ के रिलीज होने के बाद सतीश और तबिंदा सनपाल अपनी आलीशान जीवनशैली को लेकर सुर्खियों में आए थे। शो में बुर्ज खलीफा स्थित आवास, लग्जरी कारों का बेड़ा, यॉट, महंगे आभूषण और डिजाइनर ब्रांड्स का प्रदर्शन चर्चा का विषय बना था।
शो के दौरान तबिंदा ने दावा किया था कि उनके पास बड़ी मात्रा में सोना है और हर धनतेरस पर उन्हें कई किलो सोना उपहार में मिलता है। हालांकि, इन दावों का मौजूदा जांच से कोई आधिकारिक संबंध स्थापित नहीं किया गया है।
फिलहाल यूएई की संबंधित एजेंसियों की जांच जारी है और मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर तय होगी।













