3 August 2026 Fact Recorder
Business Desk: वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती चार महीनों (अप्रैल से जुलाई) में हरियाणा ने राज्य वस्तु एवं सेवा कर (SGST) संग्रह की वृद्धि दर में देश के सभी प्रमुख राज्यों को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है। मजबूत औद्योगिक गतिविधियों, ऑटोमोबाइल सेक्टर में बढ़ती मांग, गुरुग्राम-फरीदाबाद जैसे बड़े आईटी और सर्विस हब तथा बेहतर टैक्स अनुपालन के दम पर राज्य ने रिकॉर्ड राजस्व संग्रह दर्ज किया है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 में हरियाणा का पोस्ट-सेटलमेंट SGST कलेक्शन 5,135 करोड़ रुपये रहा, जबकि जुलाई 2025 में यह 4,027 करोड़ रुपये था। इस तरह राज्य ने एक साल में 28 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो राष्ट्रीय औसत 13 प्रतिशत से दोगुनी से भी अधिक है।
वहीं अप्रैल से जुलाई 2026 के दौरान हरियाणा का कुल पोस्ट-सेटलमेंट SGST कलेक्शन 19,680 करोड़ रुपये रहा। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 15,055 करोड़ रुपये था। यानी राज्य ने 31 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जबकि राष्ट्रीय औसत वृद्धि 17 प्रतिशत रही।
रिकॉर्ड प्रदर्शन के प्रमुख कारण
हरियाणा की इस उपलब्धि के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं। गुरुग्राम में मल्टीनेशनल कंपनियों, आईटी कंपनियों और स्टार्टअप्स की बढ़ती आर्थिक गतिविधियों ने जीएसटी संग्रह को मजबूती दी। ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उत्पादन और बिक्री बढ़ने से भी राजस्व में बड़ा इजाफा हुआ।
इसके अलावा एनसीआर क्षेत्र में रियल एस्टेट परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे के विकास और उपभोक्ता खर्च में बढ़ोतरी का भी सकारात्मक असर देखने को मिला। राज्य के आबकारी एवं कराधान विभाग ने कर चोरी रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा एनालिटिक्स का प्रभावी उपयोग किया, जिससे फर्जी कंपनियों, इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के दुरुपयोग और ई-वे बिल में गड़बड़ियों पर लगाम लगाई जा सकी।
राज्य की अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ
SGST राज्य सरकार की आय का महत्वपूर्ण स्रोत है। राजस्व में लगातार बढ़ोतरी से सरकार को सड़क, एक्सप्रेसवे, मेट्रो विस्तार, औद्योगिक गलियारों और अन्य विकास परियोजनाओं के लिए अधिक वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे। साथ ही मजबूत टैक्स संग्रह राज्य की वित्तीय स्थिति को और मजबूत बनाएगा तथा राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखने में भी मदद करेगा।













