1 August 2026 Fact Recorder
National Desk: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा भदोही का नाम दोबारा संत रविदास नगर किए जाने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी (सपा) पर भी तीखा हमला बोला।
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि बसपा सरकार ने भदोही को संत रविदास नगर के नाम से नया जिला बनाया था, लेकिन बाद में सपा सरकार ने अपनी “संकीर्ण जातिवादी मानसिकता” के चलते उसका नाम बदल दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान योगी सरकार ने जिले का पुराना नाम बहाल कर सही निर्णय लिया है, जिसके लिए बसपा राज्य सरकार की आभारी है।
बसपा प्रमुख ने कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में कई नए जिले, तहसील, विकास खंड और पुलिस जोन बनाए गए थे। साथ ही अनेक जिलों का नाम दलित और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के महान संतों, गुरुओं और महापुरुषों के सम्मान में रखा गया था। इनमें संत रविदास नगर, छत्रपति शाहूजी महाराज नगर और भीम नगर जैसे जिले शामिल थे।
उन्होंने यह भी कहा कि कासगंज जिले का नाम भी बसपा सरकार ने पार्टी संस्थापक कांशीराम के नाम पर रखा था, जिसे बाद में सपा सरकार ने बदल दिया। मायावती ने आरोप लगाया कि सपा के “पीडीए” के दावों के बावजूद उसके फैसले पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज के हितों के खिलाफ रहे हैं।
मायावती ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की कि संत रविदास नगर की तरह अन्य जिलों के पुराने नाम भी बहाल किए जाएं। उन्होंने कहा कि यदि यह निर्णय 9 अक्टूबर, कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस से पहले लिया जाता है तो बसपा इसके लिए सरकार की आभारी रहेगी।













