24 July 2026 Fact Recorder
National Desk: बिहार में छात्र आंदोलनों और संभावित विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य में अगले आदेश तक सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। विशेष परिस्थितियों को छोड़कर किसी भी पुलिसकर्मी को अवकाश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश में सभी क्षेत्रीय आईजी, डीआईजी और जिला पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। छात्र संगठनों के आंदोलन और धरना-प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए पूरे पुलिस तंत्र को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है।
निर्देशों के तहत शहरों के प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों में एहतियातन फ्लैग मार्च करने के लिए भी कहा गया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
सोशल मीडिया पर रहेगी कड़ी नजर
पुलिस मुख्यालय ने फेसबुक, एक्स (पूर्व में ट्विटर), इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप ग्रुप और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। उद्देश्य अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को रोकना है। साथ ही गलत जानकारी फैलाने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के भी आदेश दिए गए हैं।
जिलों में बढ़ाई गई तैयारियां
पुलिस मुख्यालय के निर्देश के बाद सभी जिलों में छात्र संगठनों की गतिविधियों और प्रस्तावित कार्यक्रमों की अग्रिम जानकारी जुटाने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा वज्र वाहन, वाटर कैनन और अन्य दंगा नियंत्रण उपकरणों को 24 घंटे तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
बिहार पुलिस का कहना है कि राज्य में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं।













