7 July 2026 Fact Recorder
International Desk: पाकिस्तान में हिजबुल मुजाहिदीन के पूर्व आतंकी बुरहान वानी की 10वीं बरसी से पहले भारत विरोधी गतिविधियों को लेकर एक कथित गुप्त बैठक होने की जानकारी सामने आई है। खुफिया सूत्रों के अनुसार, 5 जुलाई को कराची में हुई इस बैठक में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े तत्वों के साथ-साथ आईएसआई से कथित रूप से जुड़े कुछ लोग शामिल हुए। बताया गया कि बैठक में कश्मीर घाटी में अशांति फैलाने और युवाओं को भड़काने की रणनीति पर चर्चा की गई।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान बुरहान वानी की बरसी के अवसर पर घाटी में माहौल खराब करने की योजना बनाई गई। दावा है कि इसमें स्थानीय स्लीपर सेल को सक्रिय करने, युवाओं को उकसाने और आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने से जुड़े निर्देश दिए गए। यह भी कहा गया कि एक संदेश के जरिए वानी के नाम पर युवाओं को भड़काने की कोशिश की गई।
खुफिया एजेंसियों ने इस इनपुट को केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर के सुरक्षा तंत्र के साथ साझा कर दिया है। इसके बाद पूरे कश्मीर घाटी में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ा दी गई है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और संभावित खतरे को देखते हुए सभी एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं।
रक्षा मामलों के जानकारों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देने की ओर संकेत करती हैं। हालांकि, उनका मानना है कि भारतीय सुरक्षा बल और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी साजिश को नाकाम करने में सक्षम हैं। अधिकारियों ने भरोसा जताया है कि घाटी में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।













