01 July 2026 Fact Recorder
Himachal Desk: हिमाचल प्रदेश में मानसून ने दस्तक के साथ ही अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले 24 घंटों में हुई भारी बारिश ने प्रदेश के कई जिलों में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। बारिश के कारण 44 सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि 254 बिजली ट्रांसफॉर्मर ठप होने से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बुधवार रात से पश्चिमी विक्षोभ और अधिक सक्रिय होने वाला है। इसे देखते हुए मैदानी और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए अगले 72 घंटे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने अगले छह दिनों तक प्रदेश में लगातार बारिश होने की संभावना भी जताई है।
भारी बारिश से सबसे अधिक असर मंडी जिले में देखने को मिला है, जहां 28 सड़कें बंद हैं। वहीं कुल्लू में 14 सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। कांगड़ा जिले के नगरोटा सूरियां में 102.5 मिमी और घमरोर में 95.2 मिमी बारिश दर्ज की गई।
शिमला जिले के रामपुर उपमंडल के गानवी क्षेत्र में तेज बारिश के कारण एक अस्थायी पुल बह गया, जिससे तीन पंचायतों का संपर्क कट गया। चंबा जिले के सलूणी उपमंडल के लनोट और फगड़ोग गांवों में घरों में मलबा घुसने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं चंबा-तीसा राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई प्रमुख सड़कें भी बंद हो गई हैं।
जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में लगातार बारिश और बर्फ पिघलने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। मनाली-काजा राष्ट्रीय राजमार्ग पर चिचोंग-खोलकसा के पास कलवर्ट बंद होने से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई। इसके अलावा जिस्पा क्षेत्र में भारी मलबा आने से मनाली-लेह और मनाली-जांस्कर मार्ग कुछ समय के लिए बाधित रहे। हालांकि, पानी का स्तर घटने के बाद बीआरओ ने मार्गों को फिर से यातायात के लिए खोल दिया।
मौसम विभाग के अनुसार मानसून अब पूरे किन्नौर जिले के साथ-साथ कुल्लू और लाहौल-स्पीति के अधिकांश हिस्सों तक पहुंच चुका है। इसके अलावा शिमला, मंडी, सिरमौर और कांगड़ा के कई क्षेत्रों में भी मानसून सक्रिय हो गया है।
आज किन्नौर, लाहौल-स्पीति और कुल्लू को छोड़कर प्रदेश के अन्य सभी जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं किन्नौर और लाहौल-स्पीति में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन से चार दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा केवल आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की अपील की है।













