29 May 2026 Fact Recorder
National Desk: B. B. Gopakumar को भारतीय जनता पार्टी ने केरल विधानसभा में अपने विधायी दल का नेता बनाकर सभी को चौंका दिया है। पार्टी के पास पूर्व केंद्रीय मंत्री Rajeev Chandrasekhar और V. Muraleedharan जैसे बड़े चेहरे मौजूद थे, लेकिन बीजेपी ने पहली बार विधायक बने गोपाकुमार पर भरोसा जताया।
बीबी गोपाकुमार पेशे से शिक्षक रहे हैं और स्कूल के हेडमास्टर पद से रिटायर हुए हैं। राजनीति में आने से पहले वह कांग्रेस से जुड़े हुए थे, लेकिन करीब एक दशक पहले बीजेपी के ‘मिस्ड-कॉल सदस्यता अभियान’ के जरिए पार्टी में शामिल हुए। अपने क्षेत्र में वह हिंदू एझवा समुदाय के प्रभावशाली चेहरे के रूप में जाने जाते हैं।
हाल ही में हुए केरल विधानसभा चुनाव में गोपाकुमार ने चथन्नूर सीट से जीत हासिल की, जिसे लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। इस सीट पर साल 2006 से CPI का कब्जा था, लेकिन गोपाकुमार ने इस बार CPI उम्मीदवार आर. राजेंद्रन को हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया।
विधायी दल का नेता चुने जाने पर गोपाकुमार ने कहा कि यह फैसला उनके लिए भी बेहद चौंकाने वाला था। उन्होंने बताया कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने उन्हें इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा, “मैं विधानसभा में केरल में बीजेपी की आवाज बनूंगा। यह मेरे लिए सम्मान की बात है।”
गोपाकुमार को केरल चुनाव में बीजेपी का ‘डार्क हॉर्स’ माना जा रहा है। उन्होंने 2016 और 2021 में भी चथन्नूर सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन हार का सामना करना पड़ा। हालांकि दोनों चुनावों में उन्होंने बीजेपी का वोट शेयर लगातार बढ़ाया। 2016 में उन्हें करीब 24.92 फीसदी वोट मिले थे, जबकि 2021 में यह बढ़कर 30.61 फीसदी तक पहुंच गया।
इसके बाद उन्होंने आरएसएस कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर काम जारी रखा। 2026 के चुनाव में उनकी मेहनत रंग लाई और उन्हें 38.54 फीसदी वोटों के साथ जीत मिली।
गोपाकुमार का मानना है कि ‘चथन्नूर मॉडल’ को केरल की दूसरी सीटों पर भी लागू किया जा सकता है, जहां बीजेपी भविष्य में मजबूत दावेदारी पेश कर सकती है।













