28 May 2026 Fact Recorder
National Desk: केरल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के दौरान अधिकारियों पर हुए हमले के बाद सियासत गरमा गई है। ED ने दावा किया है कि टीम पर किया गया हमला अचानक नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश का हिस्सा था। मामले में तिरुवनंतपुरम के म्यूजियम पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई गई है।
यह मामला पूर्व मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan की बेटी टी. वीणा की कंपनी और एक रेत खनन कंपनी के बीच कथित वित्तीय लेन-देन से जुड़ा है। ED ने बुधवार को तिरुवनंतपुरम स्थित घर समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। एजेंसी के अनुसार तलाशी के दौरान अहम दस्तावेज, बैंक खातों की डिटेल, निवेश संबंधी रिकॉर्ड और डिजिटल सबूत मिले हैं।
ED ने जांच के दौरान सामने आए 242 बैंक खातों में जमा करीब 18.36 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए हैं। एजेंसी अब जब्त दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
तलाशी खत्म होते ही टीम पर हमला
ED के मुताबिक, तिरुवनंतपुरम में कार्रवाई पूरी होने के बाद जब अधिकारी और CRPF जवान सरकारी गाड़ियों से बाहर निकले, तभी करीब 300 लोगों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि भीड़ ने ईंट, पत्थर, डंडों और लोहे की रॉड से हमला किया।
एजेंसी का कहना है कि हमलावर “मार डालो” जैसे नारे लगा रहे थे। इस दौरान ED और CRPF की तीन गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। एक ड्राइवर की आंख में गंभीर चोट आई, जबकि कई पुलिसकर्मी और अधिकारी भी घायल हुए।
‘कानून के तहत हुई कार्रवाई’
ED ने कहा कि पूरी तलाशी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई थी और अधिकारियों या CRPF जवानों ने किसी तरह का आक्रामक रवैया नहीं अपनाया। एजेंसी ने आरोप लगाया कि भीड़ ने सरकारी काम में बाधा डालने और अधिकारियों को निशाना बनाने की कोशिश की।
FIR के अनुसार, सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचने से करीब 3 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। केस में करीब 300 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।
इस घटना के बाद राज्य में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। वामपंथी दल छापेमारी का विरोध कर रहे हैं, जबकि बीजेपी ने ED अधिकारियों पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है।













