19 May 2026 Fact Recorder
National Desk: देशभर में बढ़ते आवारा कुत्तों के हमलों और रेबीज के मामलों के बीच आज सुप्रीम कोर्ट इस मुद्दे पर बड़ा फैसला सुनाने जा रहा है। आवारा कुत्तों से जुड़े विभिन्न मामलों पर दायर याचिकाओं पर जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच फैसला सुनाएगी। कोर्ट ने 29 जनवरी को सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
याचिकाओं में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण, लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और नगर निगमों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है। वहीं, पशु अधिकार संगठनों ने कुत्तों के साथ क्रूरता न करने और नियमों के तहत नसबंदी व टीकाकरण की प्रक्रिया अपनाने की वकालत की है।
इस मामले को लेकर पूरे देश की नजरें सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं, क्योंकि अदालत का आदेश भविष्य में आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने की दिशा तय कर सकता है।
गौरतलब है कि अगस्त 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर के अधिकारियों को सड़कों से आवारा कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम में भेजने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने यह भी कहा था कि नसबंदी और टीकाकरण के बाद उन्हें दोबारा सड़कों पर न छोड़ा जाए।
इसके बाद नवंबर 2025 में कोर्ट ने सभी राज्यों और नेशनल हाईवे अथॉरिटी को स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और खेल मैदानों जैसी सार्वजनिक जगहों से आवारा कुत्तों को हटाने का आदेश दिया था। अदालत ने शिक्षण और स्वास्थ्य संस्थानों के आसपास बाउंड्री बनाने और पकड़े गए कुत्तों को दोबारा वहां न छोड़ने के निर्देश भी दिए थे।













