Home Health 17 मई को विश्व हाइपरटेंशन दिवस पर विशेष

17 मई को विश्व हाइपरटेंशन दिवस पर विशेष

तलवाड़ा, 16 मई 2026 Fact Recorder

Punjab Desk — बीबीएमबी के स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम के तहत मुख्य अभियंता राकेश गुप्ता के निर्देशों पर विश्व हाइपरटेंशन दिवस (17 मई) के अवसर पर बीबीएमबी अस्पताल तलवाड़ा के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सुखदेव सिंह संधू द्वारा लोगों को उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) के प्रति जागरूक करते हुए इस बीमारी के कारण, बचाव और उपचार संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई।

डॉ. संधू ने बताया कि हाइपरटेंशन को “साइलेंट किलर” (चुपचाप जानलेवा रोग) भी कहा जाता है क्योंकि कई बार इसके लक्षण स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देते, लेकिन यह हृदय रोग, स्ट्रोक, किडनी रोग तथा अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। उन्होंने कहा कि तनावपूर्ण जीवनशैली, अधिक नमक का सेवन, धूम्रपान, शराब का सेवन, मोटापा, व्यायाम की कमी तथा गलत खान-पान की आदतें हाइपरटेंशन के मुख्य कारण हैं।

डॉ. संधू ने बताया कि इस वर्ष विश्व हाइपरटेंशन दिवस की थीम “मिलकर हाइपरटेंशन को नियंत्रित करें” रखी गई है, जिसका उद्देश्य लोगों में उच्च रक्तचाप के प्रति जागरूकता फैलाना, नियमित जांच को प्रोत्साहित करना तथा सामूहिक प्रयासों से इस बीमारी पर नियंत्रण पाना है। उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर लगभग 1.3 बिलियन लोग हाइपरटेंशन से पीड़ित हैं, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों को अपनी इस बीमारी के बारे में जानकारी ही नहीं होती। इसलिए समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने लोगों को सलाह दी कि हाइपरटेंशन से बचाव के लिए नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच करवाएं, प्रतिदिन व्यायाम करें, हरी सब्जियों और संतुलित आहार का सेवन करें तथा तनाव से दूर रहने का प्रयास करें। उन्होंने यह भी कहा कि नमक और वसा युक्त भोजन का सेवन कम करना चाहिए, विशेष रूप से 40 वर्ष की आयु के बाद।

डॉ. संधू ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को उच्च रक्तचाप की समस्या है तो उसे डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित रूप से दवाइयां लेनी चाहिए और अपने ब्लड प्रेशर की निरंतर निगरानी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और सही उपचार से हाइपरटेंशन को नियंत्रित रखा जा सकता है।

इस अवसर पर डॉ. संधू ने लोगों से अपनी सेहत के प्रति जागरूक रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील भी की।