08 May 2026 Fact Recorder
Health Desk: Pregnancy के दौरान महिला के शरीर में कई शारीरिक और हार्मोनल बदलाव होते हैं। ऐसे समय में मां और गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों की सेहत के लिए सही पोषण बेहद जरूरी माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस दौरान विटामिंस और मिनरल्स की उचित मात्रा बच्चे के विकास और मां की अच्छी सेहत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है।
डॉक्टरों का कहना है कि प्रेगनेंसी के दौरान शरीर की पोषण संबंधी जरूरतें सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती हैं। यदि जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो जाए तो महिला को कमजोरी, थकान और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। वहीं जरूरत से ज्यादा सप्लीमेंट लेने से भी शरीर पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञ डॉ. सलोनी चड्ढा के मुताबिक, विटामिंस की सही मात्रा महिला की उम्र, वजन और स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखकर तय की जाती है। सही डोज लेने से बच्चे के स्वस्थ विकास में मदद मिलती है और प्रेगनेंसी से जुड़ी कई जटिलताओं का खतरा कम हो सकता है। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी सप्लीमेंट या दवा का सेवन नहीं करना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार, प्रेगनेंसी में फोलिक एसिड, आयरन, कैल्शियम और विटामिन डी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। फोलिक एसिड बच्चे के मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के विकास के लिए जरूरी माना जाता है। वहीं आयरन शरीर में खून की कमी से बचाने में मदद करता है। कैल्शियम और विटामिन डी मां और बच्चे दोनों की हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में सहायक होते हैं।
डॉक्टर यह भी सलाह देते हैं कि केवल सप्लीमेंट्स पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित और पौष्टिक आहार लेना भी जरूरी है। नियमित जांच और समय-समय पर डॉक्टर से सलाह लेते रहने से मां और बच्चे दोनों की सेहत बेहतर बनाए रखने में मदद मिलती है।













