21 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए Bharatiya Janata Party ने अभी से अपनी रणनीति तेज कर दी है। पार्टी का फोकस 2027 के चुनाव पर है और इसी के तहत सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने की तैयारी शुरू हो गई है।
सूत्रों के मुताबिक, अगले महीने अप्रैल के मध्य तक दो बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। इनमें Yogi Adityanath की कैबिनेट का विस्तार और राज्य के विभिन्न आयोगों, बोर्डों व निगमों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरना शामिल है। बताया जा रहा है कि इन फैसलों के जरिए अलग-अलग सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की जाएगी।
सीमित लेकिन रणनीतिक कैबिनेट विस्तार
फिलहाल यूपी सरकार में छह मंत्री पद खाली हैं। इन पदों को भरने के साथ कुछ मंत्रियों के विभागों में फेरबदल भी किया जा सकता है। हालांकि शीर्ष स्तर पर बड़े बदलाव की संभावना कम बताई जा रही है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह विस्तार छोटा लेकिन पूरी तरह लक्ष्य आधारित होगा, ताकि क्षेत्रीय और सामाजिक असंतुलन को संतुलित किया जा सके।
ओबीसी और अति पिछड़े वर्ग पर खास फोकस
बीजेपी पहले ही ओबीसी वर्ग को संदेश देने के लिए कदम उठा चुकी है। दिसंबर 2025 में कुर्मी समाज से आने वाले Pankaj Chaudhary को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। वहीं हाल ही में निषाद समाज से आने वाली Sadhvi Niranjan Jyoti को National Commission for Backward Classes का अध्यक्ष बनाया गया है।
पार्टी की रणनीति अगड़ी जाति, गैर-यादव ओबीसी, अति पिछड़े और गैर-जाटव वोट बैंक को एक साथ जोड़ने की बताई जा रही है। यही सामाजिक समीकरण पिछले एक दशक से बीजेपी की चुनावी ताकत का आधार रहा है।
लखनऊ में बैठकें, अंतिम फैसला दिल्ली में
इस मुद्दे पर लखनऊ में बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। इनमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ संघ और बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठकों में Arun Kumar, Brijesh Pathak, Keshav Prasad Maurya और संगठन मंत्री Dharampal Singh भी मौजूद रहे।
सूत्रों के मुताबिक, अंतिम सूची को मंजूरी देने के लिए जल्द ही दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठक होगी।
आयोग और निगमों में सैकड़ों पद खाली
प्रदेश के करीब 12 बड़े आयोगों, बोर्डों और निगमों में सैकड़ों पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। अब केंद्रीय नेतृत्व ने निर्देश दिया है कि अप्रैल के मध्य तक इन पदों को भर दिया जाए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन नियुक्तियों के जरिए पार्टी विभिन्न जातीय और सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व देकर अपने वोट बैंक को मजबूत करने की कोशिश करेगी। ऐसे में मिशन 2027 के लिए बीजेपी की रणनीतिक तैयारियां अभी से तेज होती दिखाई दे रही हैं।













