11 मार्च 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
Himachal Desk: Himachal Pradesh में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की कमी का असर अब पर्यटन और औद्योगिक क्षेत्र पर साफ दिखाई देने लगा है। गैस की किल्लत के कारण होटल, रेस्तरां और कई उद्योगों का कामकाज प्रभावित हो रहा है, जिससे आर्थिक गतिविधियों पर भी असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
Kasauli होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष Rajendra Chopra ने कहा कि यदि जल्द गैस की नियमित आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो होटल-रेस्तरां में खाना बनाना भी मुश्किल हो जाएगा। वहीं Himachal Pradesh Hotel Association के अध्यक्ष Mohindra Sethi के अनुसार प्रदेश में करीब 12 हजार होटल, रेस्तरां और होम-स्टे संचालित हो रहे हैं, जिनमें लगभग 25 हजार कर्मचारी काम करते हैं। गैस संकट का सीधा असर इन कर्मचारियों की आजीविका पर पड़ सकता है।
इस समय शादी-विवाह का सीजन भी चल रहा है और कई कार्यक्रम पहले से तय हैं। ऐसे में गैस की कमी से व्यवस्थाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। होटल एसोसिएशन ने Himachal Pradesh Tourism Department के निदेशक को पत्र लिखकर समस्या के जल्द समाधान की मांग की है। साथ ही अस्थायी रूप से होटल और रेस्तरां को घरेलू गैस सिलेंडर इस्तेमाल करने की अनुमति देने की मांग भी की गई है।
उधर व्यावसायिक गैस की कमी का असर Baddi-Barotiwala-Nalagarh industrial area (बीबीएन) के औद्योगिक क्षेत्र में भी देखने को मिल रहा है। यहां विभिन्न उद्योगों में रोजाना करीब 50 टन से अधिक व्यावसायिक गैस का इस्तेमाल होता है। गैस आपूर्ति बाधित होने से कई फैक्ट्रियों में उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
प्रदेश गत्ता उद्योग के संरक्षक Surendra Jain ने कहा कि बीबीएन क्षेत्र के सैकड़ों उद्योग इस समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार से तुरंत हस्तक्षेप कर राहत देने की मांग की है, ताकि उद्योग और पर्यटन क्षेत्र को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।













