UGC NET में दीक्षा मक्कड़ ने रचा इतिहास, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में AIR-1; पांचवें प्रयास में मिली बड़ी सफलता

11 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Education Desk: हरियाणा के अंबाला की रहने वाली दीक्षा मक्कड़ ने यूजीसी नेट दिसंबर 2025 सत्र की परीक्षा में पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन विषय में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। खास बात यह है कि यह सफलता उन्हें अपने पांचवें प्रयास में मिली। पिछले तीन वर्षों से लगातार मेहनत कर रहीं दीक्षा ने आखिरकार शीर्ष स्थान पाकर अपने संघर्ष को सफलता में बदल दिया।

दीक्षा के अनुसार, निरंतर अभ्यास, सही रणनीति और उचित मार्गदर्शन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। उन्होंने बताया कि पहले चार प्रयासों में वह कुछ अंकों से सफलता से चूक गई थीं, जिससे कई बार उनका आत्मविश्वास भी डगमगाया। बावजूद इसके, उन्होंने हार नहीं मानी और तैयारी जारी रखी।

संघर्ष से सफलता तक का सफर
एक इंटरव्यू में दीक्षा ने बताया कि बार-बार असफलता मिलने पर निराशा जरूर हुई, लेकिन लक्ष्य हमेशा स्पष्ट रहा। इस बार उन्होंने ऑनलाइन कोचिंग का सहारा लिया और शिक्षकों व सुपरवाइजर्स के मार्गदर्शन में अपनी तैयारी को और मजबूत किया, जिसका नतीजा AIR-1 के रूप में सामने आया।

असफलताओं से मिली सीख
दीक्षा ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि

  • पहले प्रयास से उन्हें परीक्षा के पैटर्न की समझ मिली।

  • दूसरे प्रयास में प्रदर्शन बेहतर रहा, लेकिन नतीजा उम्मीद के अनुसार नहीं आया।

  • तीसरी असफलता ने आत्मविश्वास को झटका दिया।

  • चौथे प्रयास के बाद उन्होंने परीक्षा छोड़ने का मन भी बना लिया था, लेकिन परिवार और मार्गदर्शकों के समर्थन ने उन्हें फिर से खड़े होने की ताकत दी।

  • उसी हौसले के साथ पांचवें प्रयास में उन्होंने देशभर में पहला स्थान हासिल किया।

किसे देती हैं सफलता का श्रेय
दीक्षा अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और मार्गदर्शकों को देती हैं। उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कठिन होती है, लेकिन परिवार का भरोसा और सही दिशा मिलने से राह आसान हो जाती है। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि धैर्य, अनुशासन और लगातार अभ्यास के साथ लक्ष्य पर डटे रहें।

भविष्य की योजना
अपने आगे के सपनों को लेकर दीक्षा ने बताया कि वह असिस्टेंट प्रोफेसर बनना चाहती हैं। साथ ही सिविल सर्विसेज की तैयारी भी जारी रखेंगी। फिलहाल उनका मुख्य फोकस अकादमिक क्षेत्र और शिक्षण कार्य पर रहेगा।

दीक्षा मक्कड़ की सफलता की कहानी यह साबित करती है कि लगातार प्रयास, सही रणनीति और मजबूत मानसिकता से किसी भी बड़ी परीक्षा में शीर्ष स्थान हासिल किया जा सकता है।