11 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर
International Desk: अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर जारी तनाव के बीच इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करने वाले हैं। व्हाइट हाउस ने इस बैठक की पुष्टि की है। माना जा रहा है कि बातचीत में ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उससे जुड़ी अमेरिकी नीति प्रमुख मुद्दा रहेगी।
हाल ही में ओमान में अमेरिका और ईरान के अधिकारियों के बीच हुई परमाणु वार्ता का पहला दौर किसी ठोस नतीजे के बिना समाप्त हो गया था। ऐसे में नेतन्याहू की यह यात्रा कूटनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री नेतन्याहू के बीच द्विपक्षीय बैठक होगी। इस दौरान ऊर्जा नीति, नियमों में ढील (डीरेगुलेशन) और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे विषयों पर भी चर्चा की संभावना है।
वॉशिंगटन रवाना होने से पहले नेतन्याहू ने कहा कि वह ट्रंप के सामने ईरान के साथ परमाणु वार्ता को लेकर इस्राइल का स्पष्ट रुख रखेंगे। उन्होंने कहा कि उनके सिद्धांत केवल इस्राइल ही नहीं, बल्कि वैश्विक शांति और सुरक्षा से जुड़े हैं।
इस बीच ट्रंप प्रशासन ने संकेत दिया है कि वह 2009 में ओबामा सरकार के दौरान किए गए ‘एंडेंजर्मेंट फाइंडिंग’ को औपचारिक रूप से रद्द करने जा रहा है। इस फैसले को जलवायु नीति के लिहाज से बड़ा कदम माना जा रहा है, क्योंकि इसी के आधार पर अमेरिका में ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को नियंत्रित किया जाता रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रंप-नेतन्याहू बैठक का असर न सिर्फ ईरान परमाणु वार्ता पर पड़ेगा, बल्कि पश्चिम एशिया की मौजूदा रणनीतिक स्थिति पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।











