12 January 2026 Fact Recorder
Haryana Desk: उत्तर भारत में ठंड अब अपने सबसे तीव्र दौर में प्रवेश करने वाली है। कल से मौसम का मिजाज अचानक और ज्यादा सख्त होने जा रहा है। अब तक जिस घने कोहरे ने आसमान को ढक रखा था, वह धीरे-धीरे छंट रहा है। जैसे ही आसमान साफ होगा, रात के समय धरती की गर्मी तेजी से बाहर निकलेगी। इस प्रक्रिया को वैज्ञानिक रूप से रेडिएशन कूलिंग कहा जाता है और यही वजह है कि आने वाले दिनों में ठंड अचानक बेहद तेज महसूस होगी।
इस बदलाव का सीधा असर रात के तापमान पर पड़ेगा। रातें ज्यादा सर्द होंगी और पाले की जोरदार वापसी देखने को मिलेगी। सुबह के समय खेतों, घास और खुले इलाकों में सफेद पाले की चादर बिछी नजर आ सकती है।
इन इलाकों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर
इस भीषण शीतलहर की सबसे अधिक मार इन राज्यों पर पड़ेगी—
पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर मध्य प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश का दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र।
इन इलाकों में उत्तर-पश्चिम से आने वाली ठंडी और शुष्क हवाएं प्रभावी रहेंगी। नमी कम होने के कारण ठंड और ज्यादा चुभने वाली महसूस होगी, क्योंकि सूखी हवा जमीन और शरीर दोनों से तेजी से गर्मी सोख लेती है।
दिन में हल्की धूप जरूर दिखाई देगी, लेकिन उसमें ठंड को कमजोर करने की ताकत नहीं होगी। शाम होते ही तापमान तेजी से गिरेगा और आधी रात तक सर्दी अपने चरम पर पहुंच जाएगी।
अगले 6 दिनों में न्यूनतम तापमान का अनुमान
पंजाब: -1°C से 6°C
हरियाणा: -2°C से 7°C
दिल्ली: 1°C से 8°C
पश्चिमी यूपी: 0°C से 8°C
बुंदेलखंड: 3°C से 7°C
पूर्वी यूपी: 4°C से 9°C
उत्तर राजस्थान: -3°C से 5°C
दक्षिण राजस्थान: 0°C से 10°C
उत्तर मध्य प्रदेश: 0°C से 8°C
दक्षिण मध्य प्रदेश: 3°C से 12°C
उत्तर राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के कई इलाकों में तापमान शून्य से नीचे चला जाएगा। राजस्थान के शेखावाटी और थार क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर पारा -4 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की आशंका है।
पाले का बढ़ा खतरा
पाले का सबसे ज्यादा खतरा उन इलाकों में रहेगा जहां—
जमीन खुली हो
हवा की गति कम हो
ठंडी हवा नीचे जम जाती हो
ऐसी परिस्थितियों में फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका काफी बढ़ जाती है, जिससे किसानों की चिंता भी बढ़ सकती है।
कोहरे की स्थिति
अब कोहरे का दायरा सीमित रहेगा।
घना कोहरा मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की तराई और कुछ अंदरूनी मैदानी इलाकों में देखने को मिलेगा।
उत्तर भारत के बाकी हिस्सों में सुबहें अपेक्षाकृत साफ रहेंगी, जिससे दिन के समय दृश्यता बेहतर रहेगी।
18 जनवरी के बाद बदलेगा मौसम
अगले 4 से 5 दिनों तक किसी मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना नहीं है, जिसके कारण ठंड लगातार गहराती जाएगी।
हालांकि 18 जनवरी के आसपास पश्चिमी विक्षोभों की नई श्रृंखला सक्रिय हो सकती है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आने पर बादल बढ़ेंगे और कोहरे की वापसी होगी।
इसके असर से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, जबकि कहीं-कहीं तेज बारिश भी हो सकती है।
बारिश के बाद उत्तर भारत में एक और भीषण शीतलहर के दस्तक देने की आशंका जताई जा रही है।













