08 दिसंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Business Desk: शेयर बाजार की तेज़ उतार-चढ़ाव वाली स्थितियों में निवेशक अपनी रणनीति बदलते नजर आ रहे हैं। जहां पहले विशेषज्ञ फंड मैनेजरों पर निर्भर एक्टिव फंड्स को प्राथमिकता दी जाती थी, वहीं अब निवेशक कम खर्च और अधिक पारदर्शिता वाले पैसिव फंड्स का रुख कर रहे हैं। AMFI के अनुसार अक्टूबर 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच पैसिव फंड फोलियो तीन गुना से अधिक बढ़कर 1.30 करोड़ से 4.81 करोड़ हो गए हैं। इसके मुकाबले एक्टिव फंड्स में फोलियो वृद्धि दर काफी कम रही है।
पैसिव फंड्स—जिनमें इंडेक्स फंड, ईटीएफ और विदेशी एक्सचेंजों में निवेश करने वाले फंड ऑफ फंड्स शामिल हैं—लॉन्ग-टर्म निवेश, कम खर्च और आसान ट्रैकिंग के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ के आकर्षक रिटर्न ने भी इस बढ़त को तेज किया है; अकेले गोल्ड ईटीएफ में 7,700 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आया।
विशेषज्ञों के अनुसार इंडेक्स फंड शुरुआती और दीर्घकालिक निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प बनकर उभरे हैं, क्योंकि ये बाजार जैसे ही रिटर्न देते हैं और एक्टिव फंड मैनेजरों की गलतियों से मुक्त रहते हैं। हालांकि, नुकसान यह भी है कि ये इंडेक्स को कभी मात नहीं दे पाते। बावजूद इसके, कम लागत और स्थिरता इन्हें निवेशकों की पहली पसंद बना रही है।













