अमेरिका-आधारित अमन पन्नू की मदद से पाकिस्तान-आधारित आई.एस.आई. समर्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी और ज़ीशान अख्तर द्वारा रची गई थी ग्रेनेड हमले की साज़िश: डीआईजी संदीप गोयल
दोनों आरोपियों ने पुलिस पार्टी पर की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में हुए घायल: एसएसपी गुरदासपुर आदित्य
चंडीगढ़/अमृतसर, 2 दिसंबर 2025 Fact Rcorder
Punjab Desk: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के अनुसार पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चल रही मुहिम के तहत पाकिस्तान की आई.एस.आई. समर्थित आतंकी नेटवर्क के विरुद्ध बड़ी सफलता प्राप्त करते हुए गुरदासपुर पुलिस ने काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) विंग पंजाब के साथ संयुक्त अभियान में गुरदासपुर ग्रेनेड हमले से जुड़े चार आरोपियों को एक पी-86 हैंड ग्रेनेड और दो पिस्तौलों सहित गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान प्रदीप कुमार निवासी होशियारपुर, गुरदित्त निवासी गुरदासपुर, नवीन चौधरी और कुश निवासी तलवाड़ा (होशियारपुर) के रूप में हुई है। बरामद हथियारों में एक ज़िगाना पिस्तौल, एक .32 बोर पिस्तौल और जिंदा कारतूस शामिल हैं।
डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल आफ पुलिस (डीआईजी) बॉर्डर रेंज संदीप गोयल ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रारंभिक जांच से पता लगा है कि गुरदासपुर पुलिस स्टेशन पर हुए ग्रेनेड हमले की साज़िश पाकिस्तान की आई.एस.आई. समर्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी और उसके साथी ज़ीशान अख्तर ने अमेरिका स्थित उनके हैंडलर अमनदीप सिंह उर्फ अमन पन्नू, जो गुरदासपुर का निवासी है और डोंकी रूट के ज़रिये अमेरिका गया था, की मदद से रची थी।
उन्होंने कहा कि जांच में यह भी सामने आया है कि शहजाद भट्टी और ज़ीशान अख्तर के निर्देशों पर अमन पन्नू, सीमावर्ती राज्य में आतंकी हमले करवाने के लिए गुर्गों की भर्ती भी कर रहा था।
यह उल्लेखनीय है कि इस मॉड्यूल ने 25 नवंबर, 2025 को शाम लगभग 7.30 बजे गुरदासपुर सिटी पुलिस स्टेशन पर ग्रेनेड हमला किया था।
ऑपरेशन से जुड़े विवरण साझा करते हुए डीआईजी ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीमों ने प्रदीप और गुरदित्त नामक दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया था, जिन्होंने पुलिस स्टेशन पर ग्रेनेड फेंकने वाले आरोपियों, हरगुन, विकास और मोहन, को वित्तीय और लॉजिस्टिक सहायता प्रदान की थी। उल्लेखलीय है कि दिल्ली पुलिस ने हरगुन और विकास को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है।
उन्होंने कहा कि पूछताछ के दौरान प्रदीप और गुरदित्त ने नवीन चौधरी और कुश की भूमिका उजागर की, जिन्हें ज़ीशान अख्तर द्वारा भेजे गए दो हैंड ग्रेनेड मिले थे। इनमें से एक ग्रेनेड उन्होंने शहजाद भट्टी के निर्देशों पर गुरदासपुर पुलिस थाने पर हमला करने वाले मॉड्यूल को सौंप दिया था।
डीआईजी ने कहा कि प्रारंभिक जांच से यह भी पता चला है कि ये दोनों आरोपी आतंक फैलाने और राज्य की शांति-सद्भाव बिगाड़ने के लिए एक और ग्रेनेड हमला करने की योजना बना रहे थे, परंतु पुलिस द्वारा दूसरे हैंड ग्रेनेड की बरामदगी से संभावित हमला टल गया।
अधिक जानकारी देते हुए एसएसपी गुरदासपुर आदित्य ने बताया कि तकनीकी और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीमों को गांव जगतपुर के नजदीक संदिग्ध नवीन चौधरी और कुश की मौजूदगी का पता चला।
उन्होंने कहा कि गांव जगतपुर में नाकाबंदी के दौरान रोके जाने पर दोनों संदिग्धों ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी जिसके बाद जवाबी और आत्म-रक्षा में पुलिस ने भी कार्रवाई की, जिसमें नवीन और कुश घायल हो गए। उन्होंने आगे कहा कि दोनो अपराधियों को तुरंत डाक्टरी सहायता के लिये स्थानीय अस्पताल ले जाया गया और वे इस समय उपचाराधीन हैं।
एसएसपी ने बताया कि उनके कब्जे से एक हैंड ग्रेनेड और दो पिस्तौल बरामद किए गए। घटनास्थल को सील करके बम डिस्पोज़ल टीम को सैनिटाइजेशन और विस्फोटक निष्क्रिय करने के लिए बुलाया गया।
इस संबंधी थाना सिटी गुरदासपुर में बीएनएस की धारा 109, 324(4), 111 तथा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3, 4 और 5 के तहत एफआइआर नंबर 289 दिनांक 26/11/2025 और थाना पुराना शाला में बीएनएस की धारा 109, 111, आर्म्स एक्ट की धारा 25 तथा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3, 4 और 5 के तहत एफआइआर नंबर 130 दिनांक 1/12/2025 के तहत दो अलग अलग मामले दर्ज किये गये हैं।













